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परिषदीय विद्यालयों में पानी की व्यवस्था में ड्राई जोन बना बाधा

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School.jpg - फोटो : School.jpg
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ललितपुर। शासन से उपलब्ध धनराशि का उपयोग परिषदीय विद्यालयों में पेयजल इंतजाम के लिए नहीं हो पा रहा है, इसमें ड्राई जोन बाधा बन गई है। अब विभाग ने इस राशि को समर्पित करने का निर्णय लिया है।
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गर्मी के आते ही जिले के परिषदीय विद्यालयों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कई विद्यालयों में या तो हैंडपंप पानी देना कम कर देते हैं या फिर पानी देना पूरी तरह बंद हो जाता है। इस तरह की समस्या सबसे अधिक विकासखंड बार, जखौरा व तालबेहट में है। इस तरह जनपद में करीब सौ से अधिक विद्यालयों में भूगर्भ जल स्तर खिसकने पर पेयजल की समस्या हो जाती है। पिछले वर्षों में इस स्थिति से निपटने के लिए ऐसे विद्यालयों में मिट्टी के घड़े रखकर पेयजल की व्यवस्था की जाती है। इसे ध्यान में रखकर वर्तमान वित्तीय वर्ष में शासन द्वारा चिह्नित 37 विद्यालयों को 83000 रुपये की दर से सबमर्सिबल, टंकी निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। जब इन विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया गया तो पाया गया कि 22 विद्यालयों में पहले से पेयजल की व्यवस्था है। अवशेष 15 विद्यालयों में से दो विद्यालयों को नल जल योजना में शामिल किया गया है। इसके बाद बचे 13 विद्यालय ड्राई जोन में आ रहे हैं। इस वजह से धनराशि का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ड्राई जोन वाले विद्यालयों में पेयजल की समस्या गंभीर रूप धारण करने वाली है। अब जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने ऐसे विद्यालयों में गांव के जल स्रोतों के जरिये पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
तेरासी हजार में कैसे बनेगी टंकी
तेरासी हजार रुपये की राशि में टंकी व सबमर्सिबल व हैंडपंप की बोरिंग कैसे संभव होगी? शायद यह भी धनराशि समर्पित किए जाने के निर्णय के पीछे एक कारण हो सकता है। जल निगम के एस्टीमेट के अनुसार चौहत्तर हजार रुपये में हैंडपंप की बोरिंग होती है।
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स्थानीय स्तर पर मौजूद संसाधनों के माध्यम से स्कूल में पेयजल का इंतजाम किया जाएगा।
रामप्रवेश, बीएसए
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