टैंकर आते ही पानी के लिए पाइप लेकर खड़े मोहल्ले वासी
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ललितपुर। जल संस्थान की मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं। बीते दिनों संस्थान ने विभागीय ढांचे को दुरुस्त करने के लिए 14 वें वित्त आयोग के मद से 31 लाख रुपये की मांग थी, जिसके सापेक्ष अभी मात्र तीन लाख रुपये ही नगर पंचायत महरौनी से प्राप्त हुए हैं। इतनी कम राशि में पाइप लाइनों के लीकेज व मोटर पंपों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। शहर सहित नगर पंचायतों की जलापूर्ति का जिम्मा जल संस्थान के कंधों पर है, लेकिन लंबे समय से विभाग बजट की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में संस्थान इस स्थिति से उबर नहीं पाया है, जिस कारण हैंडपंपों और मोटर पंपों की मरम्मत, पाइप लाइनों के लीकेज नहीं सुधर पा रहे हैं। इसके अलावा फिटकरी (एलम) का भी इंतजाम नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है। शहर के कई वार्डों में पेयजल की समस्या कई दिनों से बनी हुई है। इसे ध्यान में रखकर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार ने 14वें वित्त आयोग के मद में 31 लाख रुपये की मांग की।
अकेले ललितपुर के ढांचे को सही करने के लिए 19 लाख रुपये की जरूरत है। इसमें पांच लाख रुपये हैंडपंप मरम्मत, छह लाख रुपये फिटकरी (एलम), चार लाख रुपये पाइप लाइन लीकेज मरम्मत, चार लाख रुपये मोटर पंप मरम्मत के लिए मांगे हैं। इसी तरह तालबेहट नगर पंचायत की जलापूर्ति के लिए छह लाख रुपये, पाली नगर पंचायत में तीन लाख रुपये, महरौनी नगर पंचायत में तीन लाख रुपये की मांग की है। इसमें महरौनी नगर पंचायत ने जल संस्थान की मांग को पूरा कर दिया है, बाकी नगर पंचायतें और नगर पालिका ने अभी तक मांगी की गई धनराशि के मुकाबले फूटी कौड़ी भी मुहैया नहीं कराई है। ऐसे में जल संस्थान में जलापूर्ति को सुचारु बनाना कठिन हो रहा है।
इन वार्डो में है पेयजल की किल्लत
शहर के वार्ड रैदासपुरा, श्रद्धानंदपुरा, नेहरू नगर, जुगपुरा, सिद्दनपुरा, आजादपुरा प्रथम, देवगढ़ रोड और क्षेत्रपाल मंदिर के पीछे के क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। यहां टैंकर की आपूर्ति भी नाकाफी साबित हो रही है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में किसी न किसी कारण से आपूर्ति बाधित हो जाती है।
खराब हैंडपंप एवं पाइप लाइनों की मरम्मत कराने में परेशानी आ रही है। 14 वें वित्त आयोग में 31 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से तीन लाख रुपये ही मिले हैं।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान