ललितपुर। ‘अमर उजाला के साल 2020 के लिए 10 बड़े संकल्प मुहिम के तहत नौवें दिन विरासत को संरक्षित करने और स्वच्छ रखने की छात्र-छात्राओं ने शपथ ली। शपथ ली गई कि जिले में एतिहासिक व दर्शनीय स्थल हैं, जो देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहे हैं, हमें अपनी विरासत को बचाना है। यही हमारी संस्कृति की पहचान है। जिले के देवगढ़, दूधई, पंडवन, च्यवन आश्रम, चांदपुर, जहाजपुर, तालबेहट व बालाबेहट का किला आदि अनेक ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए छात्र- छात्राओं ने शपथ ली।
इस दौरान श्री दीपचंद्र चौधरी महाविद्यालय के मानद आचार्य भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि हमारा देश प्राचीन परंपराओं, रीतिरिवाजों, गौरवशाली संस्कृति तथा अकूत धरोहरों से समृद्ध है। इन्हीं धरोहरों की बदौलत देश सोने की चिड़िया कहलाता था। देश में जो धरोहरें मौजूद हैं, उनके संरक्षण की आवश्यकता है। प्राचीन विरासत में ललितपुर का अलग स्थान है। लेकिन, उपेक्षा के कारण यह स्थल अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। इस दौरान प्रो.केपी पांडेय, प्रो.नीलेश, कामनी जैन, रमेश पांडे, दीपिका वर्मा आदि उपस्थित रहे।
- आज भी देश में जो धरोहरें मौजूद हैं, उन्हें संरक्षण की नितांत आवश्यकता है। ताकि हम अपने अतीत के गौरव को संजोकर रख सकें।
- सुरभी चौबे
हम अपने जनपद की प्राचीन धरोहरों के रखरखाव की शपथ लेते हैं। साथ यहां की साफ-सफाई पर भी ध्यान देंगे।
- काजल कुशवाहा
हमारा देश प्राचीन परंपराओं, रीतिरिवाजों, गौरवशाली संस्कृति तथा अकूत धरोहरों से समृद्ध है। इन्हीं धरोहरों की बदौलत देश सोने की चिड़िया कहलाता था। हमने अपनी धरोहरों के संरक्षण की शपथ ली है।
- अंजली निरंजन
जिले में ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थल हैं। जो देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहे हैं, हमें अपनी विरासत को बचाना है। क्योंकि यही हमारी संस्कृति की पहचान है।
-प्रज्ञा सिसोदिया
उपेक्षा के कारण यह स्थल अपनी पहचान खोते जा रहे हैं, लेकिन अब यह स्थल अपनी नई पहचान बनाएंगे। इसी के लिए हम लोग शपथ ले रहे है।
- योगेश यादव
जनपद की धरोहर, संस्कृति एवं पर्यटन के विकास के लिए किये जा रहे अमर उजाला के प्रयासों पर खरे उतरेंगे और हमेशा कोशिश रहेगी की हमारी विरासतें संरक्षित रहें।
- आलोक मिश्रा