सिलावन (ललितपुर)। प्रदेश सरकार ने जनपद की तहसीलों के नए सिरे से परिसीमन को मंजूरी दे दी है। इसको लेकर ग्रामीणों में खुशी का माहौल हैं। ग्रामीणों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया हैं।
पूर्ववर्ती सपा सरकार ने जनपद में दो तहसीलों मड़ावरा और पाली का सृजन किया था जिसमें महरौनी तहसील में शामिल सिंदवाहा, बुदनी नाराहट, सक्तू, बारचौन, गुढ़ाबुजुर्ग, पड़रिया, मुड़िया, ककरूवा, परसई, गदनपुर, बमराना, दैनपुरा, धौलपुरा, अर्जुनखिरिया, बनयाना, पियरा, गदौरा, खिरिया उबारी, मछरका, गुढ़ामड़ावरा और भौंटी नाराहट गांवों को नवसृजित तहसील पाली और मड़ावरा में शामिल कर दिया गया। ग्रामीणों द्वारा परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उच्चाधिकारियों से लेकर राजभवन तक अपना विरोध दर्ज कराया था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाए थे कि राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने बिना भौगोलिक स्थिति को देखे ही परिसीमन प्रक्रिया अपनाते हुए मनमर्जी से गांवों को नवसृजित तहसील में शामिल कर दिया था। जिसके कारण उन्हें तहसील जाने आने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद से यह मामला अधर में लटका हुआ था। ग्रामीणों को तहसील पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना था कि पाली तहसील पहुंचने के लिए उनके गांव से सीधा साधन नहीं होने के कारण टुकड़ों में यात्रा करनी पड़ती हैं। इससे तहसील पहुंचने में समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा हैं।
नए परिसीमन में शामिल हो जाएंगे ये गांव
नए परिसीमन के अनुसार पाली तहसील से निकालकर गदनपुर, सक्तू, बारचौन, मुड़िया, ककरूवा, परसई, बैरवारा व सिंदवाहा पुन: महरौनी तहसील में शामिल हो जाएंगे इसी तरह पाली तहसील में शामिल बमराना, वैदपुरा, धौलपुरा, गदौरा, खिरियाउवारी, बनयाना, पियरा, पटना मडावरा, गुरयाना, चांदौरा, जरूआ, मलुवा, देवरी, पारौल, बदौरिया, बरखेरा, सिंगरवारा, जमुनियांकलां और खेरी गांव को मड़ावरा तहसील से जुड़ जाएंगे इसको लेकर ग्रामीणों में खुशी का माहौल हैं। ग्रामीणों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खशी का इजहार किया हैं। इसके ग्रामीणों का कहना हैं कि नए परिसीमन से उनका समय व धन दोनों की बचत होगी।
अधिकारियों ने मनमर्जी से बिना भौगोलिक स्थिति देखे ही परिसीमन कर गांवों को नवसृजित तहसीलों से जोड़ दिया था जो गलत था इसका ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया था। नए परिसीमन से निश्चित ही ग्रामीणों को लाभ होगा। सोनू चौबे, प्रधान ग्राम पंचायत गदौरा-धौलपुरा
सक्तू गांव के पुन: महरौनी तहसील में शामिल हो जाने से ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत होगी। ग्रामीणोें को इसका बहुत लाभ होगा। मनोहर पटेल, ग्राम सक्तू
सिंदवाहा गांव को पाली तहसील से जोड़ना औचित्यहीन था। सिंदवाहा से महरौनी तहसील महज 12 किलोमीटर पर थी जबकि पाली तहसील 30 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं। पाली तक पहुंचने में कठिनाई हो रही थी। करन सिंह बुंदेला, ग्राम सिंदवाहा
धौलपुरा गांव से पाली तहसील की दूरी काफी अधिक थी जिसके कारण जाने आने में काफी परेशानी होती थी। जबकि मड़ावरा तहसील पास में पड़ती हैं। इससे ग्रामीणों को काफी लाभ होगा। भागीरथ पटेल, ग्राम धौलपुरा