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तबेला बन चुका मड़ावरा ग्रामीण सचिवालय, बम्होरीखुर्द में दरवाजे चोरी

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ड़ावरा: ग्राम पंचायत पहाड़ी कलां में स्थित सचिवालय के छज्जे पर रखे उपले - फोटो : LALITPUR
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मड़ावरा (ललितपुर)। पर्याप्त रखरखाव के अभाव और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीण अंचल में बनीं तमाम सरकारी इमारतें खस्ताहाल होकर गिरने की स्थिति में पहुंच चुकी हैं। ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन खस्ताहाल हो रहे हैं। स्थिति यह है कि मड़ावरा में ग्रामीण सचिवालय तबेला बन चुका है। ग्राम पंचायत बम्होरीखुर्द की दरवाजे-खिड़कियां तक चोरी हो चुके हैं।
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गांवों में बने वह चाहे ग्रामीण सचिवालय हों, पंचायत भवन, सामुदायिक मिलन केंद्र हों अथवा सरकारी स्कूल हों इनमें से अधिकांश भवन जर्जर हो चले हैं। अधिकांश इमारतों की वर्षों से रंगाई पुताई नहीं की गई, पंचायतों में तैनात सफाईकर्मी भी कभी सफाई के लिए नहीं पहुंचते। आलम यह है कि कहीं भवन खस्ताहाल है तो कहीं पर दरवाजे और खिड़की गायब चुके हैं। कुछ भवनों में मवेशी और उनके गोवर से बने उपले रखे जा रहे हैं। हैरत की बात तो यह ही जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इन सचिवालयों में एक प्रधान, सचिव, एक डाटा ऑपरेटर (पंचायत सहायक) के साथ ही एक बैंक सखी भी बैठेगी। इसमें एक जन सुविधा केंद्र भी होगा जिसके माध्यम से सरकार की योजनाओं का लोग आसानी से लाभ ले सकें।
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लेकिन स्थिति यह है कि ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पहाड़ीकला में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए ग्रामीण सचिवालय का लंबे समय से उपयोग में नहीं लिया गया। अब यह तबेला का रूप ले चुका है। ग्रामीणों द्वारा सचिवालय में मवेशी बांधे जा रहे हैं और उसकी छत पर गोबर के उपले सुखाए जा रहे हैं। उधर, ग्राम पंचायत बम्होरीखुर्द में स्थित ग्रामीण सचिवालय के हालात भी ठीक नहीं है। देखरेख के अभाव में गांव से बाहर बने सचिवालय के दरवाजे-खिड़कियां चोरी हो गई। आवारा मवेशियों के घुसने से फर्श उखड़ चुका है और दीवारों में भी दरारें आ गई हैं।
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मिलन केंद्र में हो रहा जुआ और शराबखोरी
मड़ावरा। विकासखंड मुख्यालय के पड़ोसी ग्राम पंचायत में वर्षों पहले बनवाए गए सामुदायिक मिलन केंद्र की कई वर्षों से रंगाई-पुताई नहीं कराई गई। मिलन केंद्र में चारों ओर गंदगी, शराब की बोतलें और ताश के पत्ते पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मिलन केंद्र में देखरेख के अभाव में खुलेआम आम जुआ और शराबखोरी की जा रही है।
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खस्ताहाल ग्रामीण सचिवालय, पंचायत भवन एवं मिलन केंद्रों की ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत निधि से मरम्मत कराई जाएगी।
दीपेंद्र पांडेय, खंड विकास अधिकारी
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नाराहट में आधा दर्जन सचिवालय लाखों खर्च होने के बाद भी अधूरे पड़े
डोंगरा खुर्द। सरकार लाखों रुपये खर्च कर के गांव में प्राथमिकता के साथ सचिवालयों का निर्माण करा रही है लेकिन नाराहट क्षेत्र में आधा दर्जन सचिवालय लाखों रुपये की राशि निकल जाने के बाद अधूरे पड़े हैं। इनमें प्रमुख रूप से बनयाना, झरावटा ककरुआ दैनपुरा, टौरी, मकरीपुर आदि के ग्राम सचिवालयों का निर्माण अभी पूरी नहीं हो सका है। बनयाना में दस लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सचिवालय पर 3.78 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन अभी आधा काम भी नहीं हो पाया। ग्रामीणों के मुताबिक भवन निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही। इससे बिल्डिंग कमजोर हो जाएगी। डीपीआरओ नवीन मिश्रा ने बताया कि बनयाना गांव में अधूरा पड़ा पंचायत भवन की जानकारी हुई है जिसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पुराने ग्राम पंचायत भवनों को चिंह्ति कर उनकी मरम्मत कराई जा रही है। वहीं 86 ग्राम पंचायत भवन नए बनाए जा रहे। इनमें अब तक 40 पूर्ण हो चुके हैं। नवंबर तक सभा ग्राम पंचायत भवन तैयार कर लिए जाएंगे।

मिलन केंद्र की टूटी खिड़की और दरवाजे- फोटो : LALITPUR

मिलन केंद्र में पड़ी शराब की बोतलें और गंदगी- फोटो : LALITPUR

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