फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विद्यासागर पाठशाला के वार्षिकोत्सव में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए

विज्ञापन
सांस्कृतिक कार्यक्रम करते बच्चे - फोटो : LALITPUR
विज्ञापन
ललितपुर। श्री बाहुवलि नगर दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका आदर्शमति माता के ससंघ सानिध्य में आचार्य विद्यासागर पाठशाला का 17 वां वार्षिकोत्सव संपन्न हुआ। इसमें बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
विज्ञापन

कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री की संगीतमय पूजन के साथ भक्तजनों ने किया जिसमें सुसज्जित पात्रों ने पूजन के अर्घ्य समर्पित किए। आर्यिका आदर्शमति माता ने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए पाठशालाओं के योगदान को आदर्श बताते हुए कहा कि परिवारों में पाठशाला के संस्कार ही बच्चों में धार्मिकता का बीजारोपण करते हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आर्यिका दुर्लभमति माता, अनुगम मति, आर्यिका श्वेतमति माता, आयिका विदेहमति माता, आर्यिका परमार्थमति माता, अधूरमति माता, आर्यिका संवरमति माता मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान पाठशाला परिवार की अनुष्का जैन, रिया जेन, रूवी जैन के संयोजन में रोचक सांस्कृतिक भक्तिमय कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। कलश स्थापना संजय शुभम जैन, शीलचंद, अर्चना जैन, हरीश चंद जैन, महावीर जैन ने किया ने किया। शास्त्रदान निहाल चंद, कल्याण चंद रूपल जैन, प्रकाश चंद, संजीव कुमार, अभिनव सौरया परिवार ने किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रहमचारी मनोज ने किया। इसके पूर्व आर्यिका संघ की बाहुवलि नगर में गाजे बाजे के साथ आदिनाथ सेवा संघ, बाहुवलि सेवा संघ, आदर्श श्राविका मंडल ने प्रभावना पूर्वक जयकारों के साथ अगुवाई की। जिसमें भक्तजन सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की संयोजना मंदिर प्रबंधक प्रकाश जैन सौरया एवं निर्मल खिरिया ने की।
विज्ञापन

प्रभु भक्ति जीवन में कल्याणकारी : आदर्शमति
ललितपुर। प्रभु भक्ति और सिद्धों की आराधना में ही जीवन का कल्याण है। सिद्धों की भक्ति की महिमा बताते हुए आर्यिका आदर्शमति माता ने कहा कि वह जीव पुण्यशाली हैं जो समोवशरण में भक्ति के साथ अपना कल्याण करते हैं।
नगर के आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर में दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान और आर्यिका आदर्शमति माता के ससंघ सानिध्य एवं आर्यिका श्वेतमति विदेह मति माता की प्रेरणा से प्रारंभ हुए सिद्धचक्र विधान की घटयात्रा रविवार को निर्धारित मार्गों से निकाली गई। इसमें विधान के प्रमुख पात्रों के साथ-साथ जयकार करते हुए इंद्र इंद्राणी पक्तिबद्ध होकर चल रहे थे। महिमा मंडल का दिव्यघोष एवं भक्ति में लीन श्रावक शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा में सबसे आगे विशेष वाहन में सौधर्म इंद्र ज्योति, सुनील कामरा, महायज्ञ नायक महेंद्र हेमलता कठरया, कुवेर बाहुबलि रजनी कठरया के साथ साथ विधान के प्रमुख पात्र चल रहे थे।
सिद्धचक्र विधान की मांगलिक क्रियाएं हुईं
देवाज्ञा, आचार्य निमंत्रण वेदिका शुद्धि एवं समोवशरण में श्रीजी विराजमान को विधिपूर्वक विधानाचार्य मनोज ने पात्रों से कराया। आर्यिका श्वेतमति माता के सानिध्य में मूलनायक आदिनाथ भगवान के सम्मुख अभिषेक शांतिधारा पुर्ण्याजक परिवारों ने संपन्न की। प्रात:काल सौधर्म इंद्र ज्योति सुनील कामरा एवं महायज्ञ नायक महेंद्र हेमलता कठरया परिवार के आवास से समाज के श्रेष्ठजन गाजे-बाजे के साथ मंदिर में विधान के लिए अष्ठ द्रव्य लेकर आए।
इस मौके पर जैन पंचायत के महामंत्री डॉ. अक्षय टड़ैया, शीलचंद अनौरा, अखिलेश गदयाना, ज्ञानचंद इमलिया, विनोद कामरा, पार्षद अनुराग जैन शैलू, अजित जैन, मनोज बबीना, कुशलचंद जैन, जिनेंद्र जैन, संजीव जैन, राजेंद जैन, अक्षय अलया, अंतिम पारौल, अजय जैन, अकलंक जैन, महेंद्र चौधरी, कपूर चंद ,आनंद जैन, सनत जैन, संजीव सौरया, दीपक सिंघई अनंत सराफ आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें