ललितपुर। दो वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों का आकलन कर परिवहन विभाग ने लाइसेंस बनाने की नई प्रणाली लागू कर दी है। अब परिवहन विभाग द्वारा दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लाइसेंस एक साथ नहीं बनाए जाएंगे।
यातायात निदेशालय उत्तर प्रदेश से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2014 में सड़क दुघर्टनाओं में 16,287 लोगों की मृत्यु हुई थी और 22,337 लोग घायल हुए थे। इसी प्रकार वर्ष 2013 में 16,004 व्यक्तियों की मौत और 23,024 लोग घायल हुए थे। वर्ष 2015 में सड़क दुघर्टनाओं में 17,666 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। जो वर्ष 2014 की तुलना में 8.47 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार 2015 में 23,226 व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं। घायलों की संख्या वर्ष 2014 की तुलना में वर्ष 2015 में बढ़कर 4.1 प्रतिशत अधिक हो गया है। उपरोक्त तथ्यों, आंकड़ों, विविध व्यवस्थाओं, सड़क सुरक्षा के प्रति किए गए प्रावधानों और सड़क सुरक्षा को शासन द्वारा उठाए गए विभिन्न कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए परिवहन आयुक्त लखनऊ द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि अब वाहनों के लाइसेंस उन्हीं व्यक्तियों को जारी किए जाएंगे, जो वाहन चलाने में पूर्ण रुप से दक्ष होंगे। साथ ही उन्होंने लाइसेंस बनाने की नई प्रणाली लागू की है, जिसके तहत अब सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में लाइसेंस हेतु आवेदन एक ही प्रकार के वाहन चलाने को स्वीकार किए जाएंगे।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सतेंद्र कुमार ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देश के अनुसार अब दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाने के लिए एक साथ लाइसेंस नहीं बनाए जाएंगे। नई लाइसेंस प्रणाली एक अप्रैल से लागू कर दी गई है, जिसके तहत अब लर्निंग या स्थाई लाइसेंस बनाने के लिए केवल एक ही वाहन का आवेदन स्वीकार किया जाएगा।