शहर को आवारा जानवर के विचरण की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। शाही रोड पर ही यह जानवर झुंड में बैठे रहते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित होती है। हालांकि, नगर पालिका इन्हें पकड़ने के लिए केटल कैचर का इस्तेमाल कर रही है लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है।
शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन, अन्ना जानवरों के सामने प्रशासन व पुलिस के प्रयास फीके पड़ रहे हैं। पूर्व में शाही रोड पर डिवाइडर बनाकर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। वर्तमान में बनवे के माध्यम से शाही सड़क पर वाहनों के दबाव को कम किया जा रहा है। इस तरह से आवारा जानवर झुंड में विचरण कर रहे हैं, उससे चालकों के लिए परेशानी खड़ी हो रही है। शनिवार को जगह-जगह आवारा जानवर डिवाइडर के इर्दगिर्द खड़े व बैठे नजर आए। कंपनी बाग के पास डिवाइडर के बगल में आवारा जानवरों का झुंड में बैठा था, जिससे यहां से गुजर रहे वाहन चालकों के लिए काफी परेशान होना पड़ा। कई चालकों ने तो अपने वाहनों की रफ्तार धीमी कर ली। वहीं, राहगीर भी बचते-बचाते हुए निकले। ऐसा नहीं है कि यह आज की ही समस्या हो लगभग हर रोज ऐसे ही हालात सड़क पर बनते हैं। नगर पालिका ऐसे जानवरों को पकड़ने के लिए केटल कैचर वाहन का इस्तेमाल कर रही है। इसके बाद भी सड़क पर आवारा जानवरों के झुंड कम नहीं हो रहे हैं।
जानवरों के बैठने से लगता जाम
सदर कांटे से लेकर कंपनी बाग के आसपास आवारा जानवर कुछ ज्यादा ही यहां-वहां टहलते रहते हैं, जिससे सड़क पर कई बार जाम लग जाता है। इस संबंध में नगर पालिका के अफसरों से बात की गई है। आने वाले दिनों में बैठक होने वाली है, जिसमें उन्हें समस्या से दोबारा अवगत कराया जाएगा।
कैलाश नाथ सिंह, यातायात निरीक्षक