ललितपुर। आर्यिका पूर्णमति माताजी के सानिध्य में प्रारंभ हुई अभिनंदननाथ से अजितनाथ की बंधाजी वंदन यात्रा कस्बा बार से ग्राम भैलोनीलोध होते हुए ग्राम रमपुरा में पहुंची। इस मौके पर आर्यिकाश्री ने धर्मसभा में कहा कि पुण्य के बिना जीवन अधूरा है।
जैन मंदिर प्रांगण में आर्यिकाश्री पूर्णमति माताजी ने कहा कि प्रभु आराधना और सत्संगति द्वारा ही जीवन में सुख व शांति की अनुभूति होती है। परिणामों में विशुद्धि से ही आत्मिक सुख अर्जित होता है। इसके पूर्व श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा हुई, जिसमें रामप्रकाश, शीलचंद्र, वीरेंद्र कुमार और राजकुमार बछरावनी परिवार ने पुण्यार्जन किया।
मूलनायक वेदिका के शिखर पर जैन पंचायत महामंत्री डा. अक्षय टडैया और संजीव जैन ने ध्वजा फहराई। पं. दयाचंद शास्त्री, संजीव कुमार, राजीव कुमार, राजकुमार, सुनील कुमार, राकेश धनगौल, अतुल खैरा, आनंद खैरा, डा.सुरेश चंद जैन, आनंद शास्त्री आदि ने आर्यिकाश्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मध्याह्न में भगवान की वंदनयात्रा मोहनगढ़ के लिए रवाना हो गई, जिसमें युवक मंगल भजन एवं प्रभु का गुणगान कर रहे थे। यात्रा में हाथी पर ध्वज पताका शीलचंद व रुकमणि सिंघई लेकर चल रहे थे। वीरसेवा संघ द्वारा धर्मचक्र का प्रवर्तन विशेष वाहन में हो रहा था। दयोदय दिव्य घोष डीके जैन के निर्देशन में चल रहा था।
विशेष रथ में आचार्यश्री का तैल चित्र एवं जिनवाणी मां को लेकर डा. वीरेंद्र जैन, पंकज, पवन जैन आदि चल रहे थे। आर्यिका पूर्णमति माताजी के साथ आर्यिका शुभ्रमति, आर्यिका साधुमति, आर्यिका विशदमति, आर्यिका विपुलमति, आर्यिका मधुरमति, आर्यिका केवल्यमति, आर्यिका सतर्कमति आदि चल रही थीं।
इस मौके पर अनिल जैन अंचल, डा. अक्षय टडैया, प्रदीप जैन सतरवांस, मनोज जैन बबीना, मुकेश सराफ, राजेंद्र जैन थनवारा, पार्षद पंकज जैन, विजय जैन, अशोक दैलवारा, अक्षय अलया, आनंद जैन धनगौल, जिनेंद्र जैन, उदय सराफ, राजेश जैन बडकुल, कैलाश सराफ, पवन जैन, अंकित जैन बंटी, अमित जैन, आनंद जैन, छोटे पहलवान, संजीव जैन, रिंकू आदि प्रमुख रूप से साथ रहे।