ललितपुर। टीकमगढ़- खजुराहो रेललाइन का पूरी तरह से इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाएगा। पहले चरण में ललितपुर से उदयपुरा रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन का विद्युतीकरण होगा, इसके बाद उदयपुरा रेलवे स्टेशन से खजुराहो से होते हुए महोबा तक पूरी रेल लाइन का विद्युतीकरण होगा। रेलवे ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
ललितपुर से सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत ललितपुर से टीकमगढ़ तक 27 अप्रैल 2013 को डीजल इंजन से झांसी- टीकमगढ़ पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरु किया गया था। इसके बाद ट्रेन को विस्तारित करके खजुराहो तक संचालन किया गया। फिर इस रेल लाइन के विकास के लिए ललितपुर से उदयपुरा तक रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया। इसके तहत उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर विद्युत आपूर्ति के लिए ट्रेक्शन सब स्टेशन कंट्रोल रूम का निर्माण किया गया। उससे पहले बिरारी रेलवे स्टेशन पर सेक्शन एंड पैरलिंग पोस्ट बनाया गया, जिसके माध्यम से यहां से बिजली स्विचिंग एवं वोल्टेज कंट्रोल किया जाता है। यह कार्य रेल कंस्ट्रक्शन विभाग झांसी द्वारा किया गया।
रेलवे ने अब दूसरे चरण में उदयपुरा से खजुराहो एवं महोबा रेलवे स्टेशन तक पूरी तरह से विद्युतीकरण करने को मंजूरी मिल गई है। रेलवे द्वारा यह लाइन 386 किलोमीटर तक विद्युतीकरण की जाएगी। इसका कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इस रेल रूट पर रेलवे द्वारा बजाज पावर प्लांट के लिए कोयला व अन्य संसाधन पहुंचाने के लिए माल गाड़ियां, खजुराहो एवं छतरपुर में पर्यटक स्थलों तक पर्यटकों के पहुंचने के लिए सुपर फास्ट व इंटरसिटी ट्रेनों के संचालन करेगा। रेलवे लाइन का विद्युतीकरण होने से जहां मालगाड़ियों की स्पीड बेहतर हो जाएगी, वहीं समय से कोयला व अन्य सामग्री पहुंचाई जा सकेगी। अन्य ट्रेनों के चलने से इस रूट पर पर्यटकों की संख्या में भी काफी वृद्धि होगी।
उदयपुरा से खजुराहो होते हुए महोबा रेलवे स्टेशन तक रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया जाना है। इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस रेलवे रूट पर शीघ्र ही विद्युतीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ रेलवे, झांसी