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Lalitpur News: पिटाईकर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने पर दो वर्ष की सजा

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न्यायालय ने दोषी पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। राख के विवाद में गालियां देते हुए महिला की पिटाई करने, जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के नौ वर्ष पुराने मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। अपर जिला सत्र न्यायाधीश विकास कुमार द्वितीय की अदालत ने हरप्रसाद को दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास एवं सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
थाना मड़ावरा के ग्राम छपरौनी निवासी लाड़वाई पत्नी स्व. रामचरन अहिरवार ने नौ वर्ष पहले थाना मड़ावरा में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 30 जून 2015 की शाम करीब पांच बजे उसकी बेटी रूबी राख फेंकने के लिए बाहर गई थी। फेंकते समय राख उड़कर हरप्रसाद पुत्र दलू कुशवाहा के ऊपर चली गई थी। इसी बात को लेकर वह रूबी को गालियां देने लगा। यह देख उसने मना किया तो आरोपी ने उसे भी गालियां दीं और लात-घूसों व लाठियों से पीट दिया। इससे उसके हाथ में चोटें लग गईं।
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महिला की तहरीर के आधार पर थाना मड़ावरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली और विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि इस मामले में विवाद बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। मौके पर ही मामले को सुलझाया जा सकता है। इस मामले में एससीएसटी एक्ट के तहत सजा सुनाई गई है।
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