ललितपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में विश्व गौरैया दिवस पर बीस मार्च को दो हजार घोंसले लगाने का निर्णय लिया गया।
सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बताया गया कि गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता से दो हजार से अधिक लकड़ी, मिट्टी, कार्टन आदि से निर्मित घोंसलों को लगाया जाएगा।
इस मौके पर कहा गया कि पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने के साथ ही पर्यावरण से संबंधित हर अच्छी-बुरी खबर को आम जन तक सबसे पहले पहुंचाने वाली गौरैया की घटती संख्या पर काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार ने स्कूलों के माध्यम से योजना शुरू की है, जिससे बच्चे गौरैया की विशेषताओं से रूबरू हो सकें। साथ ही उनके संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
शुरूआती दौर में गौरैया के संरक्षण के लिए शुरू की गई इस योजना में सूबे के सभी जिलों में स्वयंसेवी संस्थाएं, एनएसएस और पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं, जनपद के माध्यमिक विद्यालय, महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं प्रतिष्ठित गणमान्य नागरिकों की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा 10-10 ट्रेनर/स्कूली बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। यह बच्चे अपने स्तर से 10-10 विद्यालयों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद प्रत्येक स्कूल में लकड़ीनुमा बॉक्स बनाकर लगाए जाएंगे, ताकि विलुप्त हो रही गौरैया इसमें निवास कर अपना जीवन यापन कर सकें।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि गौरैया बचाओ अभियान में सभी विद्यालय, महाविद्यालय, स्वयं सेवी संस्थान व गणमान्य व्यक्ति अपनी सहभागिता कर जनपद में निबंध, पोस्टर, नाटक, बाल पेंटिंग आदि कराएं, ताकि जनमानस को जागरूक कर गौरैया संरक्षण अभियान को सफल बनाया जा सके।
यह विद्यालय किए गए चयनित
ललितपुर। बैठक के दौरान नेहरू महाविद्यालय, पहलवान गुरुदीन महविद्यालय, छत्रपति शिवाजी एमएसडी महाविद्यालय पाली, केपीएस महाविद्यालय, श्री रघुवीर सिंह महाविद्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज, आईटीआई राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, एसडीएस ललितपुर, प्राथमिक विद्यालय एवं अन्य विद्यालयों का चयन गौरैया संरक्षण के अभियान चलाने के क्रम में किया गया।