दो दिन से टापू पर फंसे चरवाहों को निकाला
ललितपुर। दो दिन से बेतवा नदी के बीच टापू पर फंसे दो युवकों को शुक्रवार की शाम को पीएसी जवानों ने नाव के सहारे कड़ी मशक्कत के बाद निकाला। चरवाहे बुधवार को जानवरों को चराने के लिए घर से निकले थे। सूचना के बाद सदर तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए थे।
बीते दिनों से मध्यप्रदेश व अन्य जिलों में हो रही लगातार बारिश से बेतवा नदी उफान पर आ गई है। जिससे राजघाट बांध का जलस्तर बढ़ने लगा। सिंचाई विभाग ने बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी। 14 अगस्त को दोपहर तीन बजे बांध के गेट खोले गए थे। जिससे बेतवा नदी उफान पर आ गई। नदी के किनारे बसे कई गांवों में पानी फैलने लगा। इसी दौरान विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम बसवां निवासी दो चरवाहे नदी के टापू पर फंस गए। तहसीलदार श्रीकृष्ण ने बताया कि गांव निवासी सत्यभान (24) पुत्र गुबरा व उमेश (20) पुत्र कौशल रजक अपने जानवरों को चराने के लिए बुधवार को सुबह घर से निकले थे। जहां पर जानवरों को चराने के दौरान शाम को राजघाट बांध के गेट खुलने से नदी में पानी बढ़ने लगा। कुछ देर बाद नदी में अचानक ज्यादा पानी आ गया। इससे जानवर समेत नदी के टापू पर ठहरना पड़ा। लेकिन दो दिन बीतने बाद भी नदी का पानी कम नहीं हुआ। इससे भूखे फंसे चरवाहों के परिजनों ने घटना की सूचना शुक्रवार को प्रशासन को दी। जिस पर उन्होंने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। जिसके बाद उन्होंने ने पीएसी को सूचना दी। पीएसी के दो जवान नाव में एक ग्रामीण को बिठाकर टापू पर पहुंचे। जहां से कड़ी मशक्कत के बाद दोनों चरवाहों को सकुशल टापू से बाहर निकाला गया। तहसीलदार ने बताया कि नदी का यह टापू लगभग 60 एकड़ का है। जिसमें जानवर पूरी तरह से सुरक्षित रह सकते हैं।