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Lalitpur News: कंप्यूटर से कागजातों को एडिट करने और फर्जी मोहर बनाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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बजाज फाइनेंस फ्रॉड मामला
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- आरोपियों के पास से कंप्यूटर, प्रिंटर और मोहर सहित प्रपत्र बरामद, 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जांच कर रही एसआईटी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बजाज फाइनेंस कंपनी लिमिटेड और आम लोगों के साथ षड़यंत्र रचकर, कूटरचित दस्तावेज तैयार करके 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में शामिल दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में एक कंप्यूटर पर सादा स्टांप पेपर पर नाम, पता गवाह, क्रेता, विक्रेता, तारीख, वर्ष, फोटो को एडिट करने का काम करता था। जबकि दूसरा फर्जी मोहर बनाता था। आरोपियों के पास से कंप्यूटर, प्रिंटर और मोहर सहित अन्य प्रपत्र बरामद हुए।
बजाज फाइनेंस कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर संदीप सोलंकी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने महेंद्र बरार सहित सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कंपनी को 1,71,01,703 रुपये की क्षति पहुंचाई। इस धोखाधड़ी की जांच के लिए एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने जनपद स्तरीय एसआईटी गठित की थी। पुलिस ने नवनीत, महेंद्र, करन और राशिद खान उर्फ सानू व उसकी मां राशिदा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और इस धोखाधड़ी के मामले की जांच में पुलिस टीम जुटी हुई थी। शुक्रवार को पुलिस टीम ने इस मामले में शमीम खान पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी मोहल्ला गोविंदनगर और शिवम राठौर पुत्र लक्ष्मीनारायण राठौर निवासी रामनगर देहरे मंदिर के पास को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से कंप्यूटर, प्रिंटर और मोहर सहित अन्य प्रपत्र बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी शमीम खान ने बताया कि उनका संगठित गिरोह है। वह और उसके साथी जिसमें बजाज फाइनेंस कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। दूसरे आरोपी शिवम राठौर ने बताया कि उसकी मोहर बनाने की दुकान है और वह फर्जी मोहरें बनाकर अपने गिरोह के साथियों को देता था। इससे पूर्व भी उसने फर्जी मोहरें बनाई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी, साइबर क्राइम में तैनात उपनिरीक्षक गौतम पूनिया, उपनिरीक्षक कमलेश कुमार, देवराज मौर्या, सिपाही विकास कुमार, दीपेंद्र कुमार शामिल रहे।
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फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर राशिद ने शमीम का कराया था 14 लाख रुपये का लोन
गिरफ्तार आरोपी शमीम ने यह भी बताया कि उसके गिरोह के सदस्य राशिद ने अगस्त 2024 में फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर उसके नाम से 14 लाख रुपये का बजाज फाइनेंस लिमिटेड बैंक से फर्जी लोन कराया था। जिसमें राशिद ने उसे 5 लाख रुपये दिए थे और 9 लाख रुपये उसने स्वयं ले लिए थे। लोन करवाने में राशिद ने नेहरूनगर देवगढ़ रोड पर एक बाइक सर्विस सेंटर पर उसके नाम का एक बैनर लगवाकर उसका बिजनेस दिखाकर लोन कराया था। लोन के कागजों का सत्यापन करने के लिए बैंक से जो अधिकारी आए थे उनको भी इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी थी। सभी का इसमें शेयर रहता था।
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बजाज फाइनेंस कंपनी और आम लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस केस की गहनता से जांच की जा रही है। इसमें जो भी आरोपी शामिल होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मोहम्मद मुश्ताक, एसपी
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