ललितपुर। दलहनों के दामों में गिरावट का असर फुटकर बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। अरहर की दाल के दाम जहां गत दिनों के तुलना में चालीस रुपए तक कम हो गए हैं, तो चना, मूंग व उड़द के दामों में भी तीस से चालीस रुपए तक की गिरावट हुई है। इससे गृहणियों ने राहत की सांस ली है और दाम गिरने से रसोई की रौनक भी लौटने लगी है।
गल्ला मंडी में जिंस के दामों में भारी गिरावट से जहां बड़े स्तर पर व्यापार प्रभावित रहा, वहीं फुटकर बाजार में दलहनों के दामों में गिरावट होने से आम लोगों की दलहनों तक पहुंच बढ़ गई है। खासकर गृहणियों को दलहनों के दामों में गिरावट होने से राहत मिली है। गृहणियों ने दलहनों के दाम घटने पर रसोई के खाली डिब्बों में आगामी दो से तीन महीनों का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। घरेलू महिलाओं के अलावा नौकरीपेेेशा महिलाओं ने भी अरहर, मूंग, उड़द, मलका, चना की दालों के दाम गिरने से खाली-खाली सी दिखने वाली रसोई को फिर से भरने की तैयारी कर ली है।
वहीं, सब्जियों की कीमतों में भी गिरावट आई है। टमाटर के दाम 20 रुपए प्रतिकिलो से घटकर 15 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गए हैं। शिमला मिर्च 60 रुपए से घटकर 40 रुपए प्रतिकिलो, पत्ता गोभी 40 रुपए से घटकर 25 रुपए प्रतिकिलो आ गए हैं। बैगन 40 रुपए से घटकर 25 रुपए प्रतिकिलो, हरी मिर्ची 60 रुपए से घटकर 40 रुपए प्रतिकिलो, लहसुन 160 रुपए प्रतिकिलो पर अटका है, आलू 20 रुपए प्रतिकिलो पर अटका है। गिलकी 40 रुपए से घटकर 25 रुपए प्रतिकिलो फूलगोभी के दाम 80 रुपए प्रतिकिलो से घटकर पचास प्रतिशत घटकर 40 रुपए प्रतिकिलो तक आ गए हैं। भिंडी के दाम 30 रुपए प्रतिकिलो से घटकर 10 रुपए प्रतिकिलो तक आ पहुंचे हैं। इससे महिलाओं को दालों व सब्जियों के दाम घटने से काफी राहत मिली है।
फुटकर बाजार में दालों के दाम
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दाल पहले अब
अरहर 140 100
चना 110 85
मलका 90 75
मूंग धुली 120 90
मूंग 90 70
उर्द काली 130 70
उर्द सादी 160 110
नोट: दाम प्रतिकिलो ग्राम
शक्ति पाठक
और सस्ती हो जाए दाल
सरदारपुरा निवासी शक्ति पाठक ने कहा कि दालों के दामों में गिरावट होने से अब उनकी रसोई में दालों की मात्रा बढ़ गई है। हालांकि वह अभी कुछ हद तक और दालों के दामों में गिरावट की आशा रखती हैं, ताकि हर आम ग्रहणियों तक दाल पहुंच सके।
- शक्ति पाठक
सुमिंदर कौर
खाली बर्तन दाल से भरेंगे
चांदमारी निवासी सुमिंदर कौर का कहना है कि दालों के दाम व सब्जियों के दाम कम तो हुए हैं, लेकिन अभी दामों में कुछ राहत की और आवश्यकता है। अब खरीदारी शुरू कर दी है। रसोई के खाली बर्तन अब दालों से भर जाएंगे।
- सुमिंदर कौर
अनीता गोस्वामी।
सामान खरीदना हुआ आसान
बड़ापुरा निवासी अनीता गोस्वामी बताती हैं कि दालों के दाम कम होने से राहत पहुंची है। पहले पांच सौ रुपए में जो सामान आता था, अब तीन सौ रुपये तक में मिल जाएगा। बजट के अनुसार काफी हद तक पर्याप्त सामान खरीदना आसान हो गया है।
- अनीता गोस्वामी।
रजनी अहिरवार।
हर दिन खाई जाएगी दाल
सब्जियों व दालों के दाम कम होने से उन्हें व उनके परिवार को काफी राहत मिली है। वह अब जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में दालों व रसोई का अन्य सामान भी खरीद पा रही हैं। अब हर दिन दाल खाई जा सकेगी।
- रजनी अहिरवार