कैप्सन- विद्युत स्टोर में हंगामे के बाद ट्रांसफार्मर की सूची देखकर ग्रामीणों को समझाते नेहरुनगर चौकी इंचार्ज राजबाबू यादव।
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कैप्सन-ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर वितरण के लिए नंबर लगवाते हुए पुलिस कर्मी।
ललितपुर। किसानों ने सिंचाई के लिए विद्युत विभाग से संयोजन लिए हैं। लेकिन उनको ट्रांसफार्मर व विद्युत तार नहीं मिल सका। लेकिन गुपचुप तरीके से रविवार रात्रि में इनके वितरण की जानकारी लगते ही किसानों ने झांसी रोड को जाम कर दिया और हंगामा किया। पुलिस को जानकारी लगते ही उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में किया और लाइन लगाकर मौजूद सामग्री को बंटवाने का काम किया।
विद्युत विभाग द्वारा शासन की मंशानुरूप बुंदेलखंड योजना के अंतर्गत 824 और सामान्य योजना के तहत 327 इंडेंट होने के बाद भी विद्युत स्टोर में उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर व तार जैसे जरूरी विद्युत उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
लगभग एक महीने से विद्युत स्टोर में किसानों को ट्रांसफार्मर पूर्ण रूप से अब तक उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। इसके चलते 400 उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर व तार के लिए विद्युत स्टोर में भटकना पड़ रहा है। कभी तीन तो कभी 14 ट्रांसफार्मर झांसी या फिर अन्य स्थानों से विद्युत स्टोर में तो पहुंच रहे हैं,
लेकिन महीनों से नंबर पर आए उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर व तार उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। सोमवार को विद्युत स्टोर में घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा तब फूट पड़ा, जब जिजयावन निवासी नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ता राजा भैया ने विद्युत स्टोर कर्मियों पर आरोप लगाया कि दो दर्जन ट्रांसफार्मर उपलब्ध होने और उनका नंबर होने के बाद भी बाद के नंबर वाले लोगों को सुविधा शुल्क लेकर और कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में ट्रांसफार्मर मुहैया कराए जा रहे हैं।
इस बात का खुलासा होने के बाद अन्य ग्रामीणों ने भी स्टोर कर्मियों पर आरोपों की झड़ी लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रविवार की रात को ग्राम जिजयावन में पांच ट्रांसफार्मर प्रभावशाली लोगों के दबाव में नंबर नहीं होने के बाद भी वितरित किए गए हैं।
वहीं अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले भी नलकूूप वाले 24 ट्रांसफार्मर विद्युत स्टोर पहुंचने वाली गाड़ी को कस्बा बांसी में ही रोककर बांटे गए। यह सुन ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और विद्युत स्टोर में मौजूद ट्रांसफार्मर लेने पहुंचे अन्य ग्रामीणों की भीड़ ने जमकर हंगामा काटते हुए विद्युत स्टोर कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
काफी समझाने बुझाने के बाद भी वे नहीं माने और गल्ला मंडी स्थित विद्युत स्टोर के बाहर सड़क पर चक्का जाम लगा दिया। जानकारी मिलने पर प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मंगला प्रसाद तिवारी, नेहरूनगर चौकी इंचार्ज राजबाबू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी प्रकार समझाने के बाद लगभग आधा घंटा बाद जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में किसान उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर व तार वितरण का काम शुरू किया गया।
सीसीटीवी लगने के बाद भी होता है खेल
झांसी से ही विद्युत स्टोर की निगरानी को लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पूरे परिसर में काफी पहले ही लगाए जा चुके हैं, लेकिन विभाग में कर्मियों की कार्यप्रणाली हमेशा से ही शक के घेरे में रही है। अब एक बार ग्रामीणों द्वारा सुविधा शुल्क लेकर या फिर विद्युत स्टोर पहुंचने से पूर्व ही ट्रांसफार्मर वितरण के गंभीर आरोपों ने विद्युत स्टोर कर्मियों की कार्यप्रणाली की कलई खोल कर रख दी है।
चीफ के आदेश दरकिनार
गत माह 20 अक्टूबर को विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता पीके जैन और अधीक्षण अभियंता संदीप अग्रवाल ने विद्युत स्टोर का निरीक्षण करने के उपरांत निष्पक्ष और प्राथमिकता के आधार पर नलकूपसंयोधारी उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर वितरण करने के आदेश दिए थे। लेकिन, बांसी में 24 ट्रांसफार्मर गाड़ी रोककर बंटवाने व बाईपास तिराहे पर विद्युत स्टोर पहुंचने के पूर्व ही ट्रांसफार्मर वितरण करने के आरोप गंभीर हैं, यदि आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है तो कहीं न कहीं मुख्य अभियंता के आदेशों की अनदेखी करते हुए मनमर्जी दर्शित हो रही है, जो गंभीर मामला है।
पहले भी लग चुके करोड़ों के घोटाले का आरोप
विद्युत स्टोर में गत पांच वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये के विद्युत सामान के घोटालों की जांच अब भी जारी है। इसके बाद भी विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होना कहीं न कहीं स्टोर कर्मियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो पा रहा है। अब ट्रांसफार्मर वितरण के तरीकों के ग्रामीणों के गंभीर आरोपों से एक बार फिर विद्युत स्टोर सुर्खियों में छा गया है।
निकल रहा बोवनी का समय
जनपद के किसानों की तीन बार की फसल प्राकृतिक आपदा के चलते पहले ही मर चुकी है। वर्तमान में रबी का सीजन चल रहा है। ऐसे में खेतों में पलेवा और इसके बाद बोवनी का समय शुरू हो गया है। ऐसे में कुछ ही दिनों में उनको विद्युत सामग्री नहीं मिली तो बोवनी लेट हो जाएगी। ऐसे में किसानों पर फिर से संकट गहरा जाएगा। जबकि विद्युत विभाग में ट्रांसफार्मरों का अभाव है। हालांकि तार जरूर उपलब्ध हुआ है, लेकिन यह तार वितरण के सापेक्ष कम है।
विद्युत विभाग में पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर किसानों को संयोजन व सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। रविवार को 24 ट्रांसफार्मर लेकर दो गाड़ियों को भेजा गया था। जिसमें जानकारी के अनुसार 12 ट्रांसफार्मर की एक गाड़ी स्टोर में पहुंचने से पहले ही खाली करवाई गई है। मामला गंभर होने पर विद्युत अफसरों को जांच के लिए भेजा गया है। मामला सही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजीव अग्रवाल, अधिशासी अभियंता विद्युत स्टोर झांसी