ललितपुर। कोविड काल में धौर्रा और जाखलौन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बंद किया गया था। ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर रविवार को बुंदेलखंड विकास सेना ने कंपनी बाग में प्रदर्शन किया। सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा कि पत्थर व्यवसाय और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण धौर्रा और जाखलौन स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव था। जिससे प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते थे, लेकिन बीते वर्षों में कोविड काल में ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया, जो अब तक बंद है। इसको बहाल नहीं किया गया है। इससे क्षेत्रवासियों, पत्थर व्यवसायियों और पर्यटकों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों को आवाजाही के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हालत यह है कि कई बार लोग मुख्यालय आने के बाद वापस नहीं पहुंच पाते हैं। शाम को मुख्यालय पर ही रुकना पड़ता है। सेना के कार्यकर्ताओं ने यातायात में हो रही भीषण समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि व रेलमंत्री से बात करके धौर्रा जाखलौन पर ट्रेनों का ठहराव बहाल कराने की मांग की है। ठहराव शुरू न होने पर सेना आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन में राजकुमार कुशवाहा, विनोद साहू, मगन सोनी, परवेज पठान, अमरसिंह बुंदेला, भजन कुशवाहा, प्रदीप साहू, शैलेंद्र, दीपेश, कवि, मोहित, छोटू, ओमप्रकाश, अवधेश बाबू, अनिल कुमार अहिरवार, खुशाल बरार, नंदराम कुशवाहा, खुशाल बरार, राजकुमार मौजूद रहे।