ललितपुर। नौतपा लगते ही भगवान भास्कर अपने रौद्र रुप में हैं। इसका असर जनजीवन पर पड़ रहा है। तापमान भी 43 डिग्री के आसपास है। नौतपा के प्रचंड ताप से बचने के लिए वाहन चालक व राहगीर साफा या तौलिया बांध रहे हैं।
पच्चीस मई से शुरू हुए नौतपा जनपदवासियों को खूब रुला रहे हैं।
तापमान भी 42 डिग्री से 43 व 44 के बीच ही चल रहा है। भगवान भास्कर का रौद्र रूप सभी को परेशान कर रहा है। सुबह 7 बजे भी किरणें चुभन बनकर जनपदवासियों पर बरसना शुरू हो जाती हैं। दोपहर में तो हवाएं लू का रूप ले लेती हैं, तो वहीं तापमान भी अपने उच्चतम स्थान पर पहुंच जाता है। इस कारण सीमेंट की छतों के नीचे रहना मुश्किल हो जाता है। बच्चे और बीमार व्यक्ति तो बिजली गुल होते ही तड़फना शुरू कर देते हैं। बुधवार सुबह 6 बजे 29 डिग्री तापमान रहा और एक घंटे बाद सात बजे तापमान चार डिग्री बढ़कर 33 पर पहुंच गया। आठ बजे फिर से तीन डिग्री उछाल के साथ 36, 10 बजे 41 एवं 11 बजे 42 पहुंच गया।
12, 1, 2 व तीन बजे तक तापमान सबसे ज्यादा 43 डिग्री रहा। शाम चार बजे 41 और शाम 7 बजे भी 35 डिग्री रहा। इस कारण शाम की हवाएं भी गर्म रहीं। सुबह की शुरुआत 29 डिग्री के आसपास से होती है। रात्रि 12 बजे के बाद भी यही स्थिति 29 डिग्री बनी रहती है। इस कारण लोगों को घरों के अंदर अधिक राहत नहीं मिल पाती है। बिजली गुल होते ही उमस बढ़ जाती है और लोग मजबूरी में छतों पर घूमने के लिए मजबूर हो जाते हैं। अधिकांश लोगों ने तो बिजली की अनियमित कटौती को देखते हुए छतों के ऊपर ही सोना शुरू कर दिया है। दिन में हालात यह रहते हैं कि वाहन चालक तौलिया बांधकर धूप से बचते नजर आते हैं।
जानवरों के हाल बेहाल
गर्मी का असर लोगों के साथ जानवरों पर भी पड़ रहा है। राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए भले ही सामाजिक संगठनों के साथ नपा ने प्याऊ को खोल दिया हो, लेकिन जानवरों की प्यास बुझाने के लिए नगर में कोई इंतजाम नहीं हैं। इस कारण आवारा जानवरों के साथ पशुपालकों के जानवर भी दिन में पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।