झांसी। ललितपुर-टीकमगढ़ रेल लाइन को खजुराहो से छतरपुर के मध्य डाली गई नई रेल लाइन का निरीक्षण सोमवार को मुख्य संरक्षा आयुक्त (नॉर्थ ईस्ट सर्किल) एसके बाजपेयी ने किया। सूत्रों के मुताबिक ललितपुर से खजुराहो तक ट्रेनों के संचालन की मंजूरी देने की संभावना है।
बुंदेलखंड के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों के लोग आज भी आवागमन के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर हैं। मध्य प्रदेश से जुड़े टीकमगढ़ से खजुराहो के मध्य आने वाले कस्बे भी इस समस्या से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए रेल प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।
इसी पहल के तहत ललितपुर से टीकमगढ़ के मध्य 52 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होने के बाद टीकमगढ़ से खजुराहो को जोड़ने की योजना तैयार की गई थी। ललितपुर से खजुराहो की दूरी 175 किलोमीटर व टीकमगढ़ से खजुराहो की दूरी 123 किलोमीटर है।
वर्तमान में ललितपुर व टीकमगढ़ रेल मार्ग पर एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन झांसी से हो रहा है। विगत 28 मार्च को मुख्य संरक्षा आयुक्त ने टीकमगढ़ से नजदीक खरगापुर से छतरपुर के मध्य करीब 110 किलोमीटर नई रेल लाइन का निरीक्षण करने के उपरांत ट्रेनों को चलाने की हरी झंडी दे दी थी। सोमवार को मुख्य संरक्षा आयुक्त स्पेशल ट्रेन से झांसी से खजुराहो पहुंचे। इसके बाद उन्होंने स्पेशल ट्रेन से खजुराहो से छतरपुर के मध्य बचे पंद्रह किलोमीटर रेल लाइन के टुकड़े का निरीक्षण किया। मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल भी उनके साथ थे। चीफ सेफ्टी कमिश्नर की हरी झंडी मिलने के साथ ही ललितपुर से खजुराहो तक ट्रेन चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा।