ललितपुर। नगर में होने वाली गतिविधियों में पुलिस मानो आंख बंद करके ही नजर रख रही है। नगर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए 24 कैमरों में से प्रमुख स्थलों पर लगे दस कैमरे बंद पड़े हैं। हैरानी वाली बात यह है कि यह कैमरे काफी समय से हैं, लेकिन इन्हें सुधरवाने की सुध पुलिस को नहीं है।
नगर का हृदय स्थल कहलाने वाले घंटाघर पर लगे दोनों कैमरे बंद पड़े हैं। शनिवार को घंटाघर पर सीओ सदर कार्यालय के सामने ग्राम पटसेमरा निवासी इंदर सिंह की बाइक से बदमाश ने दो लाख रुपए निकाल लिए। घंटाघर के कैमरे बंद होने के कारण पीड़ित को स्थानीय दुकानदार के कैमरों की फुटेज को जांचने पर उसमें गाड़ी से रकम निकालते हुए बदमाश का फुटेज सामने आया। इसी तरह से सराफा बाजार में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे, सावरकर चौक पर लगे तीन कैमरे व तहसील के पास लगे दो कैमरे खराब पड़े हैं, जबकि यह सभी जगह शहर के प्रमुख केंद्रों में शामिल हैं।
कहां कितने कैमरे
पुलिस ने नगर के 24 प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इलाइट चौराहे पर तीन, रेलवे स्टेशन तिराहे पर तीन, तुवन चौराहे पर चार, वर्णी चौराहे पर दो, कोर्ट परिसर में लगे दो कैमरे वर्तमान में काम कर रहे हैं। वहीं, घंटाघर, सराफा बाजार, सावरकर चौक, तहसील तिराहे के दस कैमरे बंद पड़े हुए हैं।
अभी और कैमरों की जरूरत
पूरे जनपद में केवल नगर ही विभिन्न जगहों पर कैमरे लगे हुए हैं, जबकि शेष चार तहसीलों में कोई भी कैमरा नहीं लगा है। पिछले दिनों झांसी व्यापारी के मुनीम से लूट की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसका खुलासा करने में पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा था। तालबेहट में अगर प्रमुख जगहों पर कैमरे लगे होते तो लूट का खुलासा जल्द किया जा सकता था। पुलिस विभाग की ओर से बड़ी तादाद में कैमरों की मांग शासन से की गई है। यह मांग अगर पूरी होती है, तो तहसीलों में भी कैमरे लग सकते हैं।
सीसीटीवी कैमरा अपराध नियंत्रण व अपराधियों की पहचान में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। खराब पड़े हुए कैमरों की मरम्मत के लिए पत्राचार किया गया है। जल्द ही सारे कैमरे सुचारु रूप से संचालित होने लगेंगे।
मोहम्मद इमरान
पुलिस अधीक्षक, ललितपुर