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बाल विवाह रोकने के लिए धर्मगुरू व प्रबुद्धजनों का लें सहयोग: डीएम

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ललितपुर। जनपद प्रदेश का सबसे पिछड़ा जिला है, यही कारण है यहां पर बाल विवाह जैसी परंपरा आज भी जीवित है। जिले को बाल विवाह मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने रणनीति तैयार कर उस पर कार्य तेजी से प्रारंभ कर दिया है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मंगलवार को यूनिसेफ व विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी।
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जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि वह जनपद के सबसे प्रभावित क्षेत्र मड़ावरा, महरौनी एवं बार की महिला ग्राम प्रधानों को जिला स्तर पर बुलाकर कार्यशाला का आयोजन करें, जिससे इस अभियान में जनप्रतिनिधि शामिल हों। साथ ही इस कार्यशाला की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी के अतिरिक्त जिला प्रोबेशन अधिकारी व यूनिसेफ के अधिकारियों दी गई। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह विद्यालयों में पढ़ने वाली किशोरियों व उनके अभिभावकों के साथ प्रत्येक माह बैठक आयोजित कर उन्हें बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताएं, उन्हें बताया जाए कि बाल विवाह करना गैरकानूनी है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन क्षेत्र में विवाह कराने वाले पंडित, पादरी, मौलवी आदि को सूचीबद्ध कर इनके साथ बैठक करें। इनको बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के बारे में बताया जाए, इसके दुष्परिणाम से भी अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह सामाजिक अपराध के साथ कानूनी अपराध भी है, जिसमें अभिभावक, लड़के, लड़के के माता-पिता एवं बराती, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण देने वाले रिश्तेदार, पंच, मुखिया, पंडित, मौलवी, बैंड वाले, नाई, टेंट वाले, फोटोग्राफर, हलवाई, बिचौलिया सभी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जिसमें दो वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह ने कहा कि बाल विवाह करना या करवाना संज्ञेय और गैरजमानती अपराध है, उन्होंने कहा कि लड़की 18 वर्ष और लड़का 21 वर्ष से कम है तो ऐसा विवाह बाल विवाह कहलाता है। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताते हुए कहा कि शारीरिक अपरिपक्वता के कारण जल्दी विवाह, जल्दी गर्भधारण एवं प्रसव से किशोरियों एवं उनके बच्चे दोनों की जान खतरे में पड़ सकती है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कमलाकांत पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंतियाज अहमद, जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल, जिला पंचायत राज अधकारी नवीन मिश्रा, यूनिसेफ के राज्य बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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बाल विवाह की इन नंबरों पर दें जानकारी
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी जागरूक प्रबुद्धजनों से अपील की है कि वह अपने क्षेत्र में बाल विवाह न होने दें और यदि कहीं इसकी जानकारी मिलती है, तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, ललितपुर सीयूजी नंबर 7991768911, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की जानकारी पूर्णतः गुप्त रखी जाएगी।
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