ललितपुर। जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में महिला, बालक और एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। बानपुर कस्बा निवासी ज्योति सोनी पत्नी आनंद सोनी ने शनिवार की शाम को कमरे में फांसी लगा ली। वहीं नाराहट क्षेत्र के ग्राम सलैया निवासी बालक युवराज सिंह बुंदेला (10) ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली। जबकि महरौनी क्षेत्र के ग्राम नैनवारा निवासी देशपत (26) ने शराब के नशे में फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई।
थाना क्षेत्र के कस्बा बानपुर निवासी ज्योति पत्नी आनंद सोनी का मायका जिला पन्ना के थाना अजयगढ़ के खरौनीपुरवा में है। तीन माह पहले दस जून को उसकी शादी बानपुर के आनंद सोनी के साथ हुई थी। वह किसी का फोन आने से परेशान रहती थी। शनिवार को दोपहर में उसका स्वास्थ्य खराब था, जिस पर ससुरालियों ने टीकमगढ़ ले जाकर उसका इलाज कराया और वापस घर लौट आए। दोपहर तीन बजे उसने आभूषण का काम करने वाले पति को दुकान पर भेज दिया और कमरे में गमछे से छत के कुंदे पर फांसी लगाकर जान दे दी। शाम को करीब छह बजे जब उसका जेठ आशीष घर पहुंचा तो उसकी मां घर के बाहर बैठी थी। उसने चाय बनाने को कहा, जिस पर मां ने बहू से चाय बनवाने की बात कह दी। तब जेठ ने घर में मौजूद अपनी भांजी को मामी से चाय बनाने को कहने के लिए भेज दिया, लेकिन जब भांजी ने देखा तो ज्योति नीचे के कमरों में नहीं थी। जेठ ने ऊपर वाले कमरे में जाकर देखा तो ज्योति का शव कमरे में फंदे पर लटक रहा था, जिस पर उसने परिजनों व पड़ोसियों को आवाज देकर बुलाया और उसे फंदे से उतारकर जीवित होने की आस मेें निजी चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वह शव को घर ले गए और इसकी जानकारी मायके पक्ष के लोगों को दी। मृतका के जेठ आशीष ने बताया कि उसकी बहू एक फोन आने की वजह से कुछ दिनों से परेशान थी। बीते रोत दस सितंबर की रात में भी किसी का फोन आया था और वह डरी हुई थी, जिस पर उसने अपने पति को पूरी बात बताई थी। तब पति ने उसकेे मोबाइल से सिम अलग करवा दी थी। वहीं मृतका के भाई रोहित कुमार सोनी ने बताया कि उसकी बहन की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। उसने कभी भी इसके बारे में नहीं बताया। उसे ससुराल में भी कोई परेशानी नहीं थी।
--------------
इकलौते बेटे ने शराब के नशे में दे दी जान
महरौनी । थाना महरौनी के ग्राम मैनवारा निवासी देशपत (26) पुत्र गोविंदे अहिरवार शनिवार की देर रात को 12 बजे घर पहुंचा और मां से उसने खाना मांगा, जिस पर मां ने घर में खाना रखे होने की बात कही। इसके बाद मां व पिता दोनों सामने ही एक स्कूल में चौकीदारी की ड्यूटी करने चले गए। परिजनों के मुताबिक देशपत नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए अपने कमरे में चला गया। जब कुछ देर तक देशपत की आवाज नहीं आई तब उसके चचेरे भाई ने उसे जाकर जंगले से झांककर देखा तो देशपत म्यारी पर फांसी के फंदे पर लटक रहा था। जिस पर उसने तत्काल इसकी सूचना उसके माता-पिता व पुलिस को दी। महरौनी पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जबकि उसकी तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वह मजदूरी करता था।
कक्षा आठ के छात्र ने लगा ली फांसी, कारण पता नहीं चला
नाराहट । थाना नाराहट के अंतर्गत ग्राम सलैया निवासी युवराज सिंह बुंदेला (10) पुत्र रविंद्र सिंह रविवार की रात को घर में ही था। उसके परिजन गांव में पूजा होने के चलते मंदिर गए थे। इसी दौरान युवराज ने घर के पीछे बने एक कमरे में जाकर रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। इसी दौरान गांव का एक व्यक्ति वहां से निकला तो उसकी नजर युवराज पर पड़ गई। जिस पर उसने परिजनों व ग्रामीणों को सूचना दी। जिस पर परिजन उसे फंदे से उतारकर जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार युवराज ललितपुर में रहकर आठवीं की पढ़ाई कर रहा था। उसने फांसी किस वजह से लगाई इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।