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Lalitpur News: चेक बाउंस मामले में तीन माह की सजा, साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना

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अदालत से...
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दस साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, पांच लाख का चेक हुआ था बाउंस

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन (त्वरित न्यायालय) नवीन कुमार द्वितीय की अदालत ने चेक बाउंस के दस वर्ष पुराने मामले में आरोपी उमेश नामदेव को दोषी ठहराते हुए तीन माह की सजा और चेक की राशि का डेढ़ गुना, यानी साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छत्रसालपुरा निवासी अभिनव बुखारिया ने दस वर्ष पहले अदालत में परिवाद दायर किया था। उन्होंने बताया कि मोहल्ला नदीपुरा रामराजा मंदिर के सामने रहने वाले उमेश नामदेव ने उन्हें सहारा इंडिया की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और निवेश के लिए विश्वास में लिया। बाद में, आरोपी ने बुखारिया से लगभग पंद्रह लाख रुपये की राशि ली और कुछ भुगतान करके उनका विश्वास जीता।
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लेकिन कुछ समय बाद, बुखारिया को पता चला कि आरोपी ने उसकी राशि अन्य ग्राहकों के खाते में निवेश कर दी और उनकी ओर से भुगतान किया। जब बुखारिया ने आरोपी से संपर्क किया, तो उसने अपनी गलती स्वीकार की और राशि किस्तों में लौटाने का वचन दिया। इसके बाद, आरोपी ने बुखारिया को पांच लाख रुपये का पोस्ट डेटेड चेक दिया।
चेक को 2 नवंबर 2016 को बैंक में जमा करने पर वह बाउंस हो गया, क्योंकि खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं थी। इसके बाद बुखारिया ने आरोपी को नोटिस भेजा, जिसे उसने स्वीकार नहीं किया। परिणामस्वरूप, बुखारिया ने न्यायालय में परिवाद दायर किया।
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न्यायालय ने मंगलवार को आरोपी उमेश नामदेव को दोषी ठहराते हुए तीन माह का कारावास और साढ़े सात लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। इस अर्थदंड में से 7.40 लाख रुपये पीड़ित को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया गया, जबकि शेष दस हजार रुपये राज्य अर्थदंड के रूप में जमा किए जाएंगे। जुर्माना न अदा करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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