- न्यायालय ने 24 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) विकास कुमार द्वितीय की अदालत ने नौ वर्ष पुराने मारपीट कर जान से मारने व धमकाने के मामले में कोतवाली तालबेहट के ग्राम कड़ेसराबांसी निवासी तीन आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चौबीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
कोतवाली तालबेहट अंतर्गत ग्राम कड़ेसराबांसी निवासी खुशीराम धानक ने नौ वर्ष पूर्व तालबेहट कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि 11 सितंबर 2016 को सुबह साढ़े दस बजे वह घर से अपने कुआं पर जा रहा था। जैसे ही वह जुगल के खेत के पास पहुंचा, तभी उसके गांव के ही नरेंद्र सिंह व पप्पूृ यादव और लल्ला यादव द्वारा उसके भाई बबलू को रोककर गालियां देने लगे। कहने लगे कि उनकी मजदूरी करो, नहीं करोगे तो मारेंगे। गालियां देने से मना किया तो तीनों लोगों ने लाठियों से पिटाई की। चिल्लाने पर उसका भाई कल्लू बरार आया तो उसे भी लाठियों से पीटा। मौके पर आए लोगों ने उनको बचाया था। इस पर उक्त तीनों आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और रिपोर्ट करने थाने जाने पर जान से मारने की धमकी दी। मारपीट से वह चोटिल हुए थे। तालबेहट कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए। तभी से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। अब न्यायालय ने इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं प्रत्येक पर आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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एससीएसटी एक्ट की दो धाराओं में सुनाई सजा
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि इस मामले में न्यायालय ने आरोपियों को एससीएसटी एक्ट की धारा 3 (1) (द) और 5(1) (ध) दोनों धाराओं में सजा सुनाई है। न्यायालय ने आदेश दिया कि धारा 428 के तहत इस प्रकरण में कारागार में बिताई अवधि दोष सिद्ध की सजा में समायोजित की जाएगी।