संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी अभी तक सप्ताह में दो दिन बंद रहती है, जबकि त्योहार या कोई अन्य कारणों से भी कई बार मंडी उस दिन भी बंद कर दी जाती है। ऐसे में गल्ला मंडी महीने में अठारह से बाइस दिन तक चल पाती है। इसके चलते किसान यूनियनों ने मंडी को सप्ताह में छह दिन यानि शनिवार को भी खोले जाने की मांग की थी। इस पर मंडी समिति ने व्यापारियों के साथ बैठक करके मंथन किया, लेकिन इस पर बात नहीं बन सकी।
गल्ला मंडी अभी तक सप्ताह में पांच दिन खुलती है और शनिवार एवं रविवार को दो दिनों तक बंद रहती है, जबकि कई बार इन पांच दिनों में त्योहार, जयंती या फिर अन्य कोई कार्यक्रम होने के चलते भी एक या दो दिन तक मंडी बंद रहती है। ऐसे में गल्ला मंडी महीने में अठारह से बीस दिनों तक ही संचालित होती है। अब रबी की फसल आने के चलते गल्ला मंडी में जिंस की आवक बढ़ गई है, जिसके चलते महीने में अठारह से बीस दिनों तक ही किसान अपनी जिंस मंडी में बेचने को जा पा रहा है। जबकि बाकी दिन मंडी बंद रहने से किसानों को रुपयों की जरूरत पड़ने पर वह मंडी खुलने का ही इंतजार करता है।
इसके चलते किसान यूनियनों द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शनिवार को भी यानि सप्ताह में छह दिन तक खोलने की मांग की थी। जिस पर मंगलवार को मंडी समिति के सचिव और व्यापारियों की एक बैठक मंडी समिति के कार्यालय में आयोजित की गई और शनिवार को भी मंडी खोलने को लेकर मंथन किया गया, जिस पर व्यापारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह सप्ताह भर में किसानों से खरीदी गई जिंस का निस्तारण शनिवार और रविवार को करते हैं। किसानों का भी हिसाब किताब करते हैं। इस कार्य में उन्हें दो दिन का समय लग जाता है, ऐसे में शनिवार को भी मंडी खोलने में काफी दिक्कत हो जाएगी। ऐसे में मंडी समिति के अधिकारियों और व्यापारियों की बैठक में मंडी के शनिवार को भी खुलने पर बात नहीं बन सकी।