ललितपुर। शहर का वर्ष 2031 तक विकास करने की योजना तैयार की गई थी। जिलास्तरीय बोर्ड ने नक्शा बनाकर शासन को भेज दिया था। वहां से दो बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराते हुए संशोधन बोर्ड में पास करने के निर्देश जारी किए थे। इन दोनों बिंदुओं हरित पट्टी व सेना भूमि उपयोग के संशोधन प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिए गए हैं।
विकास के लिए महायोजना की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। लेकिन, अब पूर्ण होने के आसार नजर आ रहे हैं। अभी 1996 में पास हुई 2011 की महायोजना पर कार्य हो रहा है। वर्ष 2011 में महायोजना के अनुसार शहर का विकास 50 प्रतिशत भी न होने के कारण इस महायोजना को दस साल 2021 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया था। इसके बाद कोरोना संक्रमण के कारण 2021 में महायोजना का नक्शा तैयार नहीं हो सका। 2022 में नक्शा तैयार किया गया, जो नियम संगत न होने के कारण 2023 के अंत में उसे निरस्त कर दिया गया।
वर्ष 2024 में नए सिरे से महायोजना के लिए टाउन प्लानर ने सर्वे कर नक्शा तैयार किया था, जिसे जिलास्तरीय कमेटी ने शासन को भेजा था। शासन ने हरित भूमि व सेना की भूमि के स्वरूप परिवर्तन को लेकर नए सिरे से प्रस्ताव मांगे थे। जिलास्तर कमेटी ने इन भूमि को यथास्थिति रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया। अब शासन से शीघ्र ही महायोजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद जगी है।
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नगर विस्तार की भूमियों को किया गया शामिल :
महायोजना- 2031 में वर्ष 2016 में नगर पालिका के विस्तार में हुई ग्रामीण इलाकों की जमीनों को शामिल किया गया है। महायोजना के पास होने से शहर के विकास की नई तस्वीर साफ होगी।
शासन ने जो आपत्ति की थी, उसका निस्तारण करते हुए जिलास्तरीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। जल्द महायोजना को शासन से स्वीकृति मिलने के आसार हैं।
अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी।