ललितपुर। लेखा विभाग में अनियमितता का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद इकाई ने वित्त एवं लेखाधिकारी को ज्ञापन दिया। जीपीएफ से लोन लेने पर शिक्षकों की फाइल दो माह तक विभाग में पड़ी रहने और कोई न कोई आपत्ति लगाकर फाइल को वापस करने का आरोप लगाया।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया के नेतृत्व में पहुंचे पदाधिकारियों ने बताया कि लेखा विभाग में शिक्षकों के पत्र लिपिक के पास 10 से 15 दिन बाद पहुंचते हैं। निर्धारित अवधि में वेतन लॉक न करने से कई शिक्षकों का वेतन महीनों रुका रहता है। लेखाकार किसी भी समय कहीं भी चले जाते हैं। किसी लेखाकार के अवकाश पर जाने से उसके पटल का कार्य 2-2 सप्ताह तक लंबित पड़ा रहता है।
वेतन अवशेष के भुगतान पर अनावश्यक आपत्ति लगाकर वापस कर दिया जाता है। कई शिक्षकों की पीपीएफ की धनराशि गलत खातों में भेज दी गई। शिक्षकों के पैन नंबर की गलत फीडिंग के चलते फॉर्म-16 के माध्यम से रिटर्न दाखिल नहीं हो पाता, इस कारण उनको आयकर विभाग से नोटिस आ जाते हैं। ज्ञापन देते समय संगठन के जिला मंत्री अरुण गोस्वामी, कोषाध्यक्ष संतोष रजक, ब्लॉक बिरधा अध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव, आलोक स्वामी, सुनील कौशिक आदि उपस्थित रहे।