संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सरकार के निर्देश पर जरूरतमंदों को निशुल्क खाद्यान्न कोटेदारों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन घटतौली कर यह कोटेदार गरीबों के निवाले पर डाका डालने का कार्य कर रहे हैं। इसकी पुष्टि बांटमाप विभाग की छापामारी से हो चुकी है। उन्होंने इन कोटेदारों को रंगे हाथों पकड़कर चालान काटकर जुर्माना जमा कराया है। लेकिन पूर्ति विभाग ने इन कोटेदारों को चिह्नित कर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
जिले में 2,36,544 पात्र गृहस्थी कार्ड एवं 27244 अंत्योदय कार्ड हैं। इससे 9,47, 455 लोगों को निशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है। लेकिन इन लोगों को सही तौल में राशन मिल रहा है कि नहीं इसको पूर्ति विभाग सुनिश्चत नहीं कर रहा है। यही कारण है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 व वर्तमान वित्तीय वर्ष में 18 कोटेदारों के घटतौली के चालन काटकर जुर्माना वसूला गया है। लेकिन कोटेदारों पर विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। तो वहीं पूर्ति विभाग बांटमाप विभाग पर इसकी सूचना न देने के कारण कार्रवाई न होने की बात कर रहा है। दोनों विभागों के आपसी सामंजस्य में कमी के कारण गरीबों के निवाले पर तो डाका डाला जा रहा है।
वांटमाप विभाग ने इन कोटेदारों पर की घटतौली की कार्रवाई
वांटमाप विभाग ने अप्रैल 2024 से जून 2025 तक 18 कोटेदारों पर घटतौली की कार्रवाई हुई है, जिसमें आजादपुरा में कोटेदार विशाल रजक, खजुरिया में कोटेदार शीलचंद्र, नाराहट में कोटेदार रमेश कुमार, बर्जरा में कोटेदार शिवनारायण, पटसेमरा में कोटेदार प्रकाशचंद्र, वैरवारा में कोटेदार अरविंद सिंह, खिरिया गुढ़ा में कोटेदार गयाप्रसाद, सौंरई में कोटेदार अंगूरी बाई, नत्थीखेड़ा में कोटेदार भगवान सिंह, तुर्का में कोटेदार दीपा अहिरवार, खांदी में कोटेदार भगवानदास कुशवाहा, गुलेंदा में कोटेदार हरकुंवर, चंद्रापुर में कोटेदार राजेंद्र शर्मा, राजपुर में कोटेदार देवेंद्र सिंह, जखौरा में कोटेदार शिवकुंवर आदि पर चालान किया गया।
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करीब डेढ़ साल में 18 कोटेदारों पर घटतौली की शिकायत पर छापामारी कर कार्रवाई की गई। इन दुकानोंदारों की घटतौली की पुष्टि के बाद उनका चालान काटकर जुर्माना वसूला गया।
एस के गुप्ता, निरीक्षक वांटमाप विभाग ललितपुर।
बांटमाप विभाग ने जो कार्रवाई की है, उसके संयुक्त टीम नहीं बनाई। साथ ही कार्रवाई करने के बाद भी विभाग में सूचना नहीं दी है। अगर सूचना दी जाती, तो ऐसे कोटेदारों पर विभागीय कार्रवाई भी अवश्य की जाती।
उमेश चंद्र मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी ललितपुर।