- 29 जुलाई को मवेशी चराने के दौरान बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से फंस गया था टापू पर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। उफनाई बेतवा नदी के पानी से खेत पर बने टापू पर दो दिन से फंसे चरवाहे को बृहस्पतिवार की सुबह कानपुर से आई एसडीआरएफ की टीम ने दो घंटे में रेस्क्यू करके सुरक्षित बाहर निकाला। चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीण का मेडिकल किया। सुरक्षित आने के बाद ग्रामीण और उसके परिजन काफी खुश दिखाई दिए।
थाना जखौरा के ग्राम बसवां में खेत पर बने टापू के बीच दो दिन से फंसे चरवाहे नारायण सिंह यादव को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उपजिलाधिकारी सदर मनीष कुमार विश्वकर्मा के नेतृत्व में टीम बेतवा नदी किनारे जुटी हुई थी। अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव भी बुधवार की देर रात को मौके पर पहुंच गए थे और घटना को लेकर जानकारी करके रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर निर्देश दिए थे। नारायण सिंह का रेस्क्यू करने के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था। यह टीम कानपुर से बुधवार की रात को जनपद पहुंची। इसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह टीम वोट के जरिए उफनाई बेतवा नदी को पार करते हुए उक्त स्थान सौंडे के खेत पर पहुंची, यहां से टीम सदस्यों ने नारायण सिंह को वोट में सुरक्षित बैठाया और किनारे पर लेकर आ गए। जैसे ही नारायण सिंह किनारे पर पहुंचा गांव के लोगों में खुशी फैल गई। इसके साथ रेस्क्यू टीम ने नारायण सिंह के मवेशियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला। मौके पर मौजूद चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वस्थ होने पर जिला प्रशासन ने उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दो घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन सफल करने के बाद एसडीआरफ की टीम वापस लौट गई।
पूछा कैसा रहा...नारायण सिंह ने कहा बढि़या रहा, खाने में मन इच्छा खाया
रेस्क्यू के बाद जब नारायण सिंह को बेतवा नदी के किनारे लाया गया। तब उससे पूछा गया कि कैसा रहा। इस पर उसने जबाव दिया कि बढि़या रहा। खाने की बात पूंछी तो उसने बताया कि मन इच्छा खाना खाया। ग्रामीणों ने बताया कि चूंकि सौंडे का क्षेत्र करीब 50 एकड़ क्षेत्रफल का एरिया है। जहां पर उनके घर और मवेशी बांधे जाते हैं। गांव के लोग यहां पर दिन के समय जाते हैं और शाम को वापस लौट आते हैं। यही कारण रहा कि नारायण सिंह जब यहां पर फंस गया तो यहां पर स्थित उसके अस्थायी घर पर खाने-पीने की चीजें भी थीं, जिस कारण से उसे खाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार की रात को ड्रोन की मदद से खाने-पीने की वस्तुएं पहुंचाई थीं।