ललितपुर। जनपद में गलन भरी सर्दी से दिल के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 30 लोगों की ईसीजी जांच हो रही है। इसमें औसतन तीन लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है। इन मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद प्रतिदिन झांसी रेफर किया जा रहा है। चिकित्सकों ने बीपी के मरीजों को सर्दी से बचाव करने व नियमित रूप से जांच कराकर दवाइयों का सेवन करने की सलाह दी है।
मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन विभाग की ओपीडी में लगभग 300 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें ह्रदय विशेषज्ञ की ओपीडी 60-70 मरीज आते हैं। इनमें 15 इसे 20 मरीजों को सीने में दिक्कत के पहुंच रहे हैं, जिनकी ईसीजी जांच कराई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार प्रतिदिन 30 मरीजों की ईसीजी जांच कराई जा रही है। इसमें तीन मरीजों को दिल का दौरा की समस्या आ रही है। इन मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जाता है। इस तरह से एक माह में लगभग 80 से 90 ह्रदयघात के मरीजों को रेफर किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी में धमनियां सिकुड़ती हैं। इससे बीपी बढ़ने लगता है। समय पर दवा या उपचार न मिलने पर हार्ट अटैक आने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में बीपी के मरीज सर्दी से बचाव करें। ठंडी वस्तुओं व ठंडा पानी पीने से बचाव करें।
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सर्दी बढ़ने की वजह से दिल की बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है। प्रतिदिन लगभग 30 मरीजों की ईसीजी जांच हो रही है। इसमें तीन मरीजों को दिल का दौरा की समस्या आती है। इन मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जाता है। - डॉ. राजीव गुप्ता, ह्रदय रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज ललितपुर