- गरौठा विधायक और शिक्षक विधायक ने रखी बात
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विधानसभा और विधानपरिषद में बृ़हस्पतिवार को जनप्रतिनिधियों ने कई मुद्दे उठाए। गरौठा विधायक ने जहां अतिवृष्टि से खरीफ फसल के नुकसान पर किसानों को मुआवजा देने की मांग की। वहीं, शिक्षक विधायक ने तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से विनियमितीकरण मानते हुए शासनादेश जारी करने की मांग की।
गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने कहा कि वह उस पिछड़े बुंदेलखंड इलाके से आते हैं, जिसे पिछली सरकारों ने विकास से दूर रखा। लेकिन आज बुंदेलखंड पर्यटन हब बन रहा है। गरौठा विधानसभा क्षेत्र पूर्व की सरकारों में पिछड़ा रहा है। सपा सरकार में तो वहां राजनीतिक संरक्षण में गुंडे, माफिया और अराजक तत्वों का दबदबा था। मोंठ मंडी में बाहर के व्यापारियों ने खरीद करने आना बंद कर दिया था। लेकिन 2017 में सत्ता बदली। योगी सरकार में माफिया पर कार्रवाई हुई और आज वही मोंठ की मंडी में बाहर के व्यापारी फिर से आना शुरू हो गए हैं। इसका लाभ सीधे किसानों को हो रहा है।
कहा कि इस बार भी खरीफ की फसल अतिवृष्टि से बर्बाद हो गई। अधिकांश किसान लगातार बारिश से फसल की बुवाई भी नहीं कर सके। 2025-2026 में खरीफ की फसल की पैदावार न होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाए। इस बार भी जल्दी किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ किसानों को समय से मिल जाए।
वहीं, शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी ने तदर्थ शिक्षकों का मुद्दा उठाया। कहा कि शिक्षकों का विनियमितीकरण 22 मार्च 2016 में किया गया है। उनकी विनियमितीकरण से पहले की तदर्थ सेवाएं नहीं जोड़ी गई हैं। जबकि, कोर्ट ने नियुक्ति तिथि से विनियमितीकरण मानते हुए पेंशन देने का आदेश पारित किया है। कोर्ट के आदेश के बाद भी विनियमितीकरण का शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए शिक्षकों में असंतोष है। उन्होंने नियुक्ति तिथि से विनियमितीकरण मानते हुए शासनादेश जारी करने की मांग की।