संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सोमवार को मतदान के चलते निजी क्षेत्र की अधिकांश बसें निर्वाचन कार्य में लगी हैं। रोडवेज की भी मात्र चार बसें ही चल रही हैं। रविवार को बस से सफर की आस में लोग स्टैंड पर पहुंचे, यहां महज एक दो बसें ही संचालित होती नजर आईं, जो केवल झांसी-ललितपुर रूट पर चल रही थीं। अन्य मार्गों पर यात्रियों को टैक्सी चालकों की मनमानी का शिकार होना पड़ा। चालकों ने सवारियों से मनमाना किराया वसूला। कई लोग डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर गंतव्य जाने के लिए मजबूर हुए। बस स्टैंड पर बसें न होने से सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ तीन रोडवेज बसें व एक-दो निजी बसें चलीं। स्थिति यह रही कि झांसी-ललितपुर रूट पर भी यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा।
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टैक्सी चालकों ने उठाया फायदा: बसों की कमी का फायदा टैक्सी चालकों ने खूब उठाया। उन्होंने भीषण गर्मी में परेशान सवारियों से मनमाना किराया वसूला। कई यात्री किराया सुनकर ही चलता बने। इसके बाद मुख्य मार्गों का रुख किया, जहां डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर गंतव्य को रवाना हुए। महरौनी, पाली, बानपुर जैसे स्थानों पर जाने के लिए प्रति सवारी 60 से 100 रुपये लिए गए।
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कैप्सन- जितेंद्र रजक
पूरे दिन सड़कों पर बसों की कमी रही। एक भी बस न चलने से आवाजाही में समस्या हुई। डग्गामार वाहनों का सहारा लिया।
- जितेंद्र रजक
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कैप्सन- जगनलाल अहिरवार
बस स्टैंड से एक भी बस महरौनी, मड़ावरा, गौना, नाराहट जाने के लिए नहीं चली। ऐसे में टैक्सियों का सहारा लेकर गंतव्य को पहुंचे।
- जगनलाल अहिरवार