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Lalitpur News: छात्रवृत्ति के लिए छात्रों का संदिग्ध डाटा सही करने में जुटा विभाग

Thu, 06 Mar 2025 12:40 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
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इंटरमीडिएट विद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के 14217 विद्यार्थियों का डाटा मिला था संदिग्ध
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला समाज कल्याण विभाग इंटरमीडिएट और डिग्री कॉलेजों में छात्रवृत्ति के लिए 14 हजार से अधिक छात्रों का डाटा संदिग्ध पाया गया था। इसके चलते इन छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी हुई है। विभाग इनके डाटा की कमियों को दूर कर समिति के सामने रखेगा। इसमें लगभग दस हजार तक छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद जागी है।
जनपद के इंटरमीडिएट विद्यालयों एवं डिग्री कॉलेज के 54,631 विद्यार्थियों द्वारा जिला समाज कल्याण विभाग के माध्यम से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया गया था। इसमें विद्यालयों व कॉलेजों द्वारा कुल 52,517 विद्यार्थियों का डाटा भेजा गया। इसमें विभाग द्वारा जांच के दौरान कुल 38225 विद्यार्थियों का डाटा सही पाया गया। जबकि बाकी आवेदनों की जांच की गई तो अभी तक कुल 14,217 विद्यार्थियों का डाटा कमियां होने के चलते संदिग्ध पाया गया है।
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इनमें अभी ओबीसी वर्ग के 32,270 में से 24,397 विद्यार्थियों का डाटा सही पाया गया और 7802 का डाटा संदिग्ध पाया गया। वहीं अल्पसंख्यक वर्ग के 1615 में से 1073 विद्यार्थियों का डाटा सही पाया, लेकिन 538 का डाटा संदिग्ध मिला। इसी प्रकार एसटी वर्ग के 158 में से 118 विद्यार्थियों का डाटा सही पाया, जबकि जांच में 40 का डाटा संदिग्ध मिला है। ऐसे ही एससी वर्ग के 12,809 विद्यार्थियों का डाटा प्राप्त हुआ। इनमें से 9,226 का डाटा सही पाया गया, जबकि 3583 विद्यार्थियों का डाटा संदिग्ध पाया गया है। इसी प्रकार सामान्य वर्ग के 5665 विद्यार्थियों का डाटा विद्यालयों द्वारा छात्रवृत्ति के लिए विभाग को भेजा गया है। इसमें से 3411 का डाटा सही पाया गया, जबकि 2254 का डाटा संदिग्ध मिला है। इस पर विभाग द्वारा अब इन संदिग्ध डाटा को सही करने का काम किया जा रहा है।
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विद्यालयों व महाविद्यालयों के संदिग्ध डाटा की जांच की जा रही है और उसे सही करके जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद उनकी छात्रवृत्ति पर निर्णय लिया जाएगा। संभावना है कि जांच में जो कमियां आ रही हैं, उनके आधार पर लगभग दस हजार तक डाटा की कमियां दूर होने की संभावना है। -राजेश कुमार वघेल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी।
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