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नए साल की बड़ी चुनौती : विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना प्रशासन की अग्निपरीक्षा

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नए साल की बड़ी चुनौती : विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना प्रशासन की अग्निपरीक्षा
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वर्ष 2026 में जनपद की दस प्रमुख परियोजनाओं पर रहेगी आमजन की सीधी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नए वर्ष 2026 में जनपद की विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। जिले की दस प्रमुख विकास योजनाओं के साथ-साथ रॉक फॉस्फेट और आयरन जैसी खदानों का संचालन प्रारंभ कराना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। वहीं, सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बल्क ड्रग पार्क को मूर्त रूप देना भी जिला प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा साबित होगा, क्योंकि इस परियोजना पर सीधे प्रदेश मुख्यालय से निगरानी रखी जा रही है।

बल्क ड्रग पार्क : निवेश आकर्षित करना बड़ी चुनौती
जनपद में बल्क ड्रग पार्क का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में यहां 28 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए ले-आउट तैयार कर प्लॉट काटे जा रहे हैं। अब तक केवल पांच कंपनियों ने इकाई स्थापना में रुचि दिखाई है। पार्क को पूरी तरह विकसित करना और निवेशकों को जिले की ओर आकर्षित करना शासन और जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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रॉक फॉस्फेट व आयरन खदानों का संचालन
रॉक फॉस्फेट और आयरन खदानों का आवंटन हो चुका है। संबंधित कंपनियों द्वारा ड्रिलिंग के बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। पूर्व में खदान संचालन में वन विभाग की आपत्तियां बाधा बनी रहीं। अब यह सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए चुनौती होगा कि पर्यावरण विभाग से जुड़ी औपचारिकताएं फिर से अड़चन न बनें और खनन कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके।
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मानसून से पहले शहजाद नदी पुल का निर्माण
शहर के भीतर शहजाद नदी पर पुल निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। मानसून से पहले इस पुल का निर्माण पूरा कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। यदि समय पर कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो बारिश के दौरान लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

हवाई अड्डा निर्माण : दतिया से पीछे न रह जाए ललितपुर
हवाई अड्डा निर्माण के लिए रक्षा विभाग की भूमि से संबंधित मसौदा काफी हद तक सुलझ चुका है। हालांकि, हवाई पट्टी के मसौदे पर अभी केंद्र सरकार के स्तर पर निर्णय लंबित है। इसी वर्ष हवाई अड्डा निर्माण कार्य प्रारंभ कराना जिला प्रशासन के लिए चुनौती होगा, खासकर तब जब दतिया जिले में हवाई अड्डे की घोषणा बाद में हुई और वहां उड़ानें शुरू भी हो चुकी हैं।

सौर ऊर्जा परियोजनाएं : भूमि उपलब्धता बनी बाधा
जनपद में सौर ऊर्जा की सात परियोजनाओं के लिए लगभग 16,650 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 982 मेगावाट बिजली उत्पादन की संभावना है। इन परियोजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराना जिला प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। वर्तमान में जिले में छह सोलर प्लांटों से 91 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा हाइड्रोजन और सीएनजी उत्पादन से जुड़ी योजनाएं भी भूमि के अभाव में अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।

फ्लोटिंग सोलर पैनल : पर्यावरण मंजूरी का इंतजार
माताटीला और जामनी बांध में फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाने की योजना को अभी पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति नहीं मिल सकी है। इन परियोजनाओं से बिना भूमि अधिग्रहण के सौर ऊर्जा उत्पादन संभव है। इन योजनाओं को स्वीकृति दिलाकर जमीन पर उतारना भी जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगा।
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जिले में लंबित विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं को पूर्ण कराया जाएगा। जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं और निवेशकों को आकर्षित करने के प्रयासों में आने वाले समय में और तेजी लाई जाएगी।
सत्यप्रकाश
जिलाधिकारी
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