संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में एक और दस मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट बनकर तैयार हो गया है, जबकि ग्राम इमलिया में भी पचास मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट बनाया जाना है, जिसके लिए कंपनी द्वारा किसानों से जमीन किराए पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहां डेढ़ सौ एकड़ जमीन में सोलर पावर प्लांट बनाया जाना है।
ललितपुर सोलर एनर्जी का हब बनता जा रहा है। सोलर एनर्जी के क्षेत्र में काम करने वाली कई कंपनियां इस जिले में सोलर प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। अभी तक जिले के महरौनीखुर्द, चीरा, पठा विजयपुरा एवं ग्राम बारचौन में दस-दस मेगावाट क्षमता के चार और एक बीस मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट से बिजली उत्पादन हो रहा है। अभी भी यहां सोलर एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से कार्य चल रहा है। निवेशक मीट में ललितपुर में सबसे ज्यादा प्रस्ताव सोलर प्लांट लगाने के मिले थे। अब जिले में ग्रीन एनर्जी उत्पादकता में जनपद ने एक और कदम आगे बढ़ाया है।
ग्राम खड़ोवरा में बनने वाले सोलर पावर प्लांट का कार्य भी पूर्ण हो गया है और इससे बिजली उत्पादन भी शुरू हो चुका है। इससे दस मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इस प्लांट को 53 एकड़ भूमि पर स्थापित किया गया है। इस सोलर प्लांट की अनुमानित लागत लगभग 75 करोड़ रुपये है। इसके लिए रोंड़ा स्थित 132 केवी पारेषण उपकेंद्र से जोड़ा गया। जिससे इसकी उत्पादित बिजली को रोंड़ा पारेषण उपकेंद्र के माध्यम से ग्रिड को भेजा जाएगा।
वहीं, हैदराबाद की फोर्थ पार्टनर कंपनी द्वारा ग्राम इमलिया में भी पचास मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट बनाए जाने की तैयारी है। किसानों से किराए पर जमीन लेने और इसे बनाने में करीब चार सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके लिए कंपनी द्वारा किसानों से तीस वर्ष के लिए किराए पर जमीन का एग्रीमेंट किया जाना शुरू कर दिया है और बहुत से किसानों ने कंपनी के लिए तीस वर्ष के लिए एग्रीमेंट भी कर दिया है। अब जल्द ही ग्राम इमलिया में भी पचास मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट का काम शुरू हो जाएगा।
तालबेहट में बन रहा छह सौ मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट
तालबेहट क्षेत्र के ग्राम पवा में छह सौ मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट बनाया जाना है। इसके लिए भी अधिकांश भूमि का अधिग्रहण और किसानों से किराये पर जमीन का एग्रीमेंट भी हो गया है। अब जल्द ही इस सोलर पावर प्लांट का काम शुरू होगा।
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सौर ऊर्जा से हो रही सिंचाई
जनपद की सोलर रेडिएशन बेहतर होने के कारण यहां पर सिंचाई संसाधन भी सौर ऊर्जा पर आधारित करने का प्रयास किया जा रहा है। जाखलौन पंप कैनाल पर 3.42 मेगावाट का पीवी ऊर्जा संयंत्र 24.80 करोड़ रुपये व 2.50 मेगावाट का संयंत्र 17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।