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तकनीकी खेती से बदली गांव की तस्वीर

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गांव में लहसुन की खेती - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा के जमुनियां (बगोनी) में ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों के साथ मिलकर तकनीकी खेती को आगे बढ़ाया, जिससे गांव में खुशहाली आ गई है। लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। ग्राम प्रधान रुचिका बुंदेला किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए तकनीकी खेती के लिए जागरूक कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के सागर में रहकर तकनीकी खेती की ट्रेनिंग ली है और गांव में एक एकड़ में लहसुन की खेती कराई, जिससे किसान को करीब चार लाख रुपये का फायदा हुआ। बुंदेलखंड में अधिकांश किसान साल भर में दो फसलों की पैदावार करते हैं, लेकिन इस गांव में तीन फसलों की पैदावार होती है। गांव में शिक्षा की स्थिति बेहतर बनाने के लिए प्रधान स्वयं ही बच्चों को प्रतिदिन पढ़ाती हैं। लेकिन, जमुनियां (बगोनी) गांव को आज भी विकास की दरकार है। एक दशक पहले यह गांव इमलिया ग्राम पंचायत में था, हमेशा से ही इमलिया गांव से प्रधान चुना जाता था। इससे जमुनियां (बगोनी) गांव का विकास नहीं हो पा रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि जबसे जमुनियां गांव की रुचिका बुंदेला को प्रधान चुना है, तब से गांव में विकास होना शुरू हुआ है।
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गांव में पंचायत भवन निर्माण कराने का प्रयास कर रही हूं। लेकिन, राजस्व विभाग भूमि उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। ग्राम निधि से गांव का संपूर्ण विकास होना संभव नहीं है। अगर कोई जनप्रतिनिधि गांव को गोद ले ले तो गांव संतृप्त हो सकता है। कच्ची शराब की भट्टियां बंद हों, इसके लिए कई बार प्रयास कर चुकी हूं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। बेरोजगारी खत्म करने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर उद्योग लगाने की मांग की है।
- रुचिका बुंदेला, ग्राम प्रधान, जमुनियां ( बगोनी)
चार साल पहले तक गांव में कोई भी अपनी लड़की की शादी नहीं करता था। जब गांव का विकास हुआ, तब से इस गांव के लड़कों की शादी होनी शुरू हुई हैं। चार साल में करीब दो सौ लड़कों की शादी हुई है।
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- देवीप्रसाद पाल
गांव एक नजर में
गांव की आबादी 1400 है। 102 ग्रामीणों के आवास बन चुके हैं और 270 ग्रामीणों ने आवास के लिए आवेदन किए हैं, जो जल्द स्वीकृत हो जाएंगे। गांव में हैंडपंप लगे हैं और पानी की किल्लत नहीं है। सड़कें और नालियां पक्की बनी हैं। गांव में विद्युतीकरण हो चुका है।
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