- गल्ला मंडी में टैक्सी चालकों ने तीसरे दिन अनाज का उठान किया शुरू
- सिर्फ भाड़े में की गई बढ़ोतरी, बोरे का वजन 60 किलो ही रहेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में भाड़ा बढ़ाने को लेकर चल रही टैक्सी यूनियन की हड़ताल तीसरे दिन शुक्रवार को समाप्त हो गई। व्यापारियों द्वारा प्रति बोरा 20 पैसे भाड़ा बढ़ाने पर सहमति बनने के बाद टैक्सी चालकों ने अनाज का उठान फिर से शुरू कर दिया। हड़ताल के चलते मंडी में करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ, वहीं व्यापारियों और रोज कमाने-खाने वाले चालकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
टैक्सी यूनियन ने 15 अप्रैल से प्रति बोरा 50 पैसे भाड़ा बढ़ाने और 60 किलो की जगह 50 किलो वजन का बोरा उठाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की थी। हड़ताल के कारण पहले दिन खरीदा गया अनाज नहीं उठ सका। इसके बाद दूसरे दिन किसानों का अनाज न तो तौला गया और न ही उसे उचित भाव मिल सका। कई किसान ट्रैक्टर लेकर मंडी में ही खड़े रहे, जबकि कुछ लौट गए।
मंडी समिति और जिला प्रशासन ने मामले को सुलझाने के प्रयास किए, लेकिन शुरुआती दौर की वार्ताएं विफल रहीं। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ट्रैक्टर और ट्रकों से उठान शुरू कराया, हालांकि पर्याप्त संसाधन न होने से काम पूरी तरह नहीं हो सका।
शुक्रवार को मंडी सचिव की पहल पर व्यापारियों और टैक्सी यूनियन के बीच फिर बैठक हुई। लंबी वार्ता के बाद यह तय हुआ कि प्रति बोरा 20 पैसे की बढ़ोतरी की जाएगी, जबकि बोरे का वजन 60 किलो ही रहेगा। इसके बाद भाड़ा 5.50 रुपये से बढ़कर 5.70 रुपये प्रति बोरा हो गया। समझौते के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई और कामकाज सामान्य होने लगा।
दो दिन में उठेगा जमा अनाज
हड़ताल के कारण मंडी में करीब 60 से 70 हजार बोरी अनाज जमा हो गया है। उठान शुरू होने के बावजूद पूरा माल साफ होने में अभी लगभग दो दिन का समय लगेगा। इस कारण शुक्रवार को भी व्यापार सामान्य नहीं हो सका।
सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही हो सका कारोबार
इस सप्ताह मंडी केवल सोमवार और बुधवार को ही पूरी तरह संचालित हो सकी। मंगलवार को अवकाश और उसके बाद हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार व शुक्रवार को कामकाज ठप रहा। वहीं शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण मंडी बंद रहेगी। इससे मंडी समिति को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ, जबकि कारोबार पर भी करोड़ों का असर पड़ा।
दोनों पक्षों की सहमति से प्रति बोरा 20 पैसे भाड़ा बढ़ाया गया है। इसके बाद टैक्सी यूनियन ने हड़ताल समाप्त कर दी और मंडी में पूर्व की तरह कार्य शुरू हो गया है। - धर्मेंद्र सिंह, मंडी सचिव