विद्युत विभाग द्वारा विधानसभा निर्वाचन के चलते पूरे जनपद के सभी पोलिंग बूथों के अनुसार एक माह में डेढ़ सौ ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। तालबेहट क्षेत्र में ही एक माह में 40 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बदले गए हैं। यह ट्रांसफार्मर विभाग द्वारा सर्वे के दौरान खराब पाए जाने पर बदले जा रहे हैं। वर्कशॉप से सुधरकर आ रहे बहुत से ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता भी खराब होने के चलते फुंक जा रहे हैं।
विद्युत विभाग द्वारा तालबेहट क्षेत्र में तालबेहट प्रथम व द्वितीय, पूराकलां, बिजरौठा व शहजाद फीडरों के माध्यम से टाउन व ग्रामीण क्षेत्र को बिजली आपूर्ति देकर रोशन किया जाता है। उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा इन सभी फीडरों के अंतर्गत 10 केवीए, 25 केवीए, 63 केवीए, 100 केवीए, 400 केवीए के करीब साढ़े पांच सौ ट्रांसफार्मर गली, मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर स्थापित किए गए हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने के चलते फीडरों की बिजली घंटों तक या फिर कई बार उस क्षेत्र में एक या दो दिन तक भी बिजली बाधित बनी रहती है। इसके चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विधानसभा चुनाव के तैयारियों के चलते विद्युत विभाग द्वारा पोलिंग बूथों पर दर्जनों ट्रांसफार्मर खराब मिले हैं। जिसे विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर बदलवाया जा रहा है। अकेले तालबेहट क्षेत्र में ही विभाग द्वारा करीब 45 खराब ट्रांसफार्मर बदलवाए हैं। इसमें करीब 25 ट्रांसफार्मर 10 केवीए के हैं, जबकि पांच ट्रांसफार्मर 63 केवीए और बाकी अन्य क्षमता के ट्रांसफार्मर हैं, जो खराब होने के चलते बदले गए हैं। जबकि यदि पूरे जनपद के पोलिंग बूथों के आसपास लगे ट्रांसफार्मरों की बात करें तो एक माह में विभिन्न विद्युत उपखंड कार्यालयों के अंतर्गत करीब 150 ट्रांसफार्मर बदलवाए गए हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों के अनुसार विद्युत स्टोर में वर्कशॉप से आने वाले बहुत से रिपेयर 10 केवीए के ट्रांसफार्मर समय से पहले ही खराब हो जा रहे हैं, जबकि बहुत से ट्रांसफार्मर तो लगाते ही खराब हो गए हैं। इसकी वजह वर्कशॉप से रिपेयर ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता में कमी बताई जा रही है। वहीं, विद्युत स्टोर इंचार्ज अजय साहू ने बताया कि रिपेयर ट्रांसफार्मर बार-बार खराब होने के बारे में सूचना नहीं दी गई है। यदि ऐसी कोई शिकायत मिलेगी तो आला अधिकारियों को इससे अवगत कराया जाएगा।