ललितपुर। नगर पालिका ने बच्चों को गर्मियों की छुट्टी में स्वीमिंग पूल का सपना दिखाया था, लेकिन यह सपना टूटता दिखाई दे रहा है। मई माह का प्रथम सप्ताह बीत गया है, लेकिन अभी तक नगर पालिका के ठेकेदार द्वारा निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में लगता है कि स्वीमिंग पूल के इंतजार में गर्मी की छुट्टी बीत जाएगी।
शहर की दो लाख से अधिक लोगों के मनोरंजन के लिए नगर पालिका क्षेत्र में केवल चंद्रशेखर आजाद उद्यान पार्क (कंपनी बाग) ही एकमात्र सार्वजनिक पार्क है। यह पार्क जिला उद्यान विभाग की अधीन है, लेकिन इसको सजाने-संवारने का जिम्मा नगर पालिका के पास है। सुबह-शाम यहां आने वाले सैकड़ों लोगों की सुविधा के लिए नगर पालिका ने लाखों रुपये इस पार्क में व्यय किए हैं। इसी क्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने नगर के बच्चों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए कंपनी बाग में स्वीमिंग पूल बनाने का प्रस्ताव सदन में रखा था, जिसे बोर्ड में स्वीकृति मिल गई थी व इसके लिए करीब 40 लाख रुपये की मंजूरी भी दे दी गई थी।
जुलाई 2015 में स्वीमिंग पूल के निर्माण के लिए टेंडर भी कर दिया गया था। निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए दो माह का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन, टेंडर प्रक्रिया को करीब दस माह बीतने वाले हैं और नगर पालिका के ठेकेदार द्वारा अभी तक स्वीमिंग पूल बनाने का कार्य प्रारंभ नहीं किया है।
पालिका अध्यक्ष का वायदा नहीं हो सका पूरा
नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने शहर की जनता से वायदा किया था कि इस वर्ष की गर्मियों की छुट्टी का आनंद बच्चे स्वीमिंग पूल में लेंगे, लेकिन गर्मियों के मौसम के दो माह व टेंडर के करीब दस माह बीत गए हैं, लेकिन स्वीमिंग पूल बनने के आसार नहीं दिख रहे हैं। स्वीमिंग पूल का निर्माण मुख्य तौर पर बच्चों के मनोरंजन के लिए किया जाना है।
ठेकेदार पर नहीं हो रही कार्रवाई
स्वीमिंग पूल के निर्माण कार्य का टैंडर पिछले वर्ष जुलाई माह में हो गया था। टैंडर जारी हुए करीब दस माह का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। टैंडर अनुबंध के दौरान निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए दो माह की समय सीमा निर्धारित की गई थी, दस माह से अधिक समय बीतने के बाद अभी तक निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ और न ही ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। नगर पालिका ने जुलाई 2015 में करीब डेढ़ सैकड़ा से अधिक निर्माण कार्यों के टैंडर किए थे, इनमें अनेक कामों की स्थिति इसी तरह है। समय सीमा बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया और न ठेकेदार का ठेका निरस्त किया गया। नगर पालिका के अधिकारियों से बात करने पर बजट का अभाव होने की बात कही जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि विभाग में बजट नहीं था तो फिर निर्माण कार्य के टैंडर क्यों जारी कर दिए गए।
स्वीमिंग पूल का निर्माण किन कारणों से नहीं हो पा रहा है, इसकी जानकारी विभागीय अधिकारी से करेंगे और प्रयास रहेगा कि स्वीमिंग पूल का निर्माण जल्द से जल्द हो सके।
- सुभाष जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष