तालबेहट। टीसी पर काउंटर हस्ताक्षर कराने के नाम पर पांच सौ रुपए की सुविधा शुल्क मांगने के मामले में उच्च प्राथमिक विद्यालय कंधारीकलां की निलंबित प्रधानाध्यापिका और शिकायतकर्ता में पेशबंदी शुरू हो गई है। जहां निलंबित प्रधानाध्यापिका ने शिकायतकर्ता पर जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने, एसआर रजिस्टर छीन कर फेंकने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पूराकलां पुलिस को शिकायती पत्र दिया। वहीं, इस मामले को लेकर भाजपा पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है।
बताते चले कि नौ अगस्त को थाना पूराकलां अंतर्गत एक अभिभावक ने ग्राम कंधारीकलां के उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका का टीसी पर काउंटर हस्ताक्षर कराने के नाम पर पांच सौ रुपये मांगने का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने उसे निलंबित कर दिया था। इसके बाद अगले दिन दस अगस्त को निलंबित प्रधानाध्यापिका ने पूराकलां पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर बताया कि एक बजे शिकायतकर्ता एक अन्य साथी के साथ विद्यालय आया और उसने उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। इसके बाद एसआर रजिस्टर को छीनकर फेंक दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
जानकारी के बाद 11 अगस्त को शिकायतकर्ता ने पूराकलां पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि निलंबित प्रधानध्यापिका शिकायत वापस लेने के लिए ग्राम प्रधान से मिलकर राजीनामा कराने के लिए दबाव बना रहीं हैं। का आरोप लगाते हुए पूरे मामलें की जांच करने की गुहार लगाई।
बृहस्पतिवार को इसी मामले को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष मुलायम सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन देकर निलंबित प्रधानाध्यपिका पर राजीनामा के लिए शिकायतकर्ता पर अनुचित रूप से दबाव बनाने एवं झूठी शिकायत करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर विनोद दीक्षित, खुशीराम नायक, सोबरन सिंह आदि के हस्ताक्षर थे।
इस संबंध में थानाध्यक्ष पूराकलां यशवंत सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों से शिकायती पत्र आए हैं। जांच चल रही है। जांच के बाद ही कुछ कहना उचित होगा।