ललितपुर। बिरारी से महोबा तक रेल लाइन दोहरीकरण का सर्वे पूरा हो चुका है। अब निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसे मंजूरी मिलने के बाद पूरी रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। अभी ललितपुर से बिरारी तक रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य चल रहा है।
ललितपुर से टीकमगढ़ के बीच रेल लाइन का संचालन 26 अप्रैल 2013 को शुरू हुआ था। एक पैसेंजर ट्रेन पहले ललितपुर और टीकमगढ़ के बीच चलाई गई थी। इसके बाद टीकमगढ़ से खजुराहो तक रेल लाइन का विस्तार किया गया और फिर ललितपुर से खजुराहो तक ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। धीरे-धीरे ललितपुर से होते हुए खजुराहो के बीच पैसेंजर ट्रेन के अलावा अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को बढ़ाया गया। अब नई दिल्ली-खजुराहो वंदेभारत समेत लगभग दस ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
ललितपुर से टीकमगढ़-खजुराहो रूट पर रेल लाइन के क्षेत्र में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस रेल लाइन पर दैलवारा से न्यू टाउन रेलवे स्टेशन तक कॉड लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि, ललितपुर से बिरारी तक फ्लाईओवर व रेल लाइन के दोहरीकरण का काम भी चल रहा है। टीकमगढ़ और उदयपुरा के मध्य बिलाटा गांव से बजाज पावर प्लांट के लिए एक अलग से रेल लाइन का निर्माण भी पूरा हो चुका है और इस पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो चुका है।
ललितपुर से महोबा तक 229 किमी रेल लाइन दोहरीकरण में बिरारी तक काम चल रहा है। इसी के साथ बिरारी से महोबा तक सर्वे भी पूरा हो चुका है।
अभी एक ट्रेन रोककर निकाली जाती है दूसरी
ललितपुर से टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो, महोबा तक करीब 229 किमी तक रेलवे ट्रैक सिंगल है। इस रूट पर सुपरफास्ट ट्रेन के आने पर मालगाड़ी या पैसेंजर ट्रेन को स्टेशन पर रोक दिया जाता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए इस रेलवे लाइन के दोहरीकरण की कार्ययोजना तैयार की गई।
ललितपुर से बिरारी तक रेल दोहरीकरण का काम चल रहा है, जबकि ललितपुर से टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो और महोबा तक रेल लाइन दोहरीकरण का सर्वे पूरा हो चुका है। जल्द ही इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। -मनोज कुमार, पीआरओ, रेलवे।