ललितपुर। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में बारहवीं कक्षा के छात्र अपनी अंकतालिका में नंबर चढ़कर नहीं आने को लेकर छात्रों की मांग के अनुसार सोमवार को विद्यालय एवं जिला प्रशासन की बैठक में जब कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया तो छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान किसी ने मुख्य गेट का ताला बंद कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कैंपस खाली कराने के लिए गेट पर चढ़कर छात्रों पर लाठियां फटकारना शुरू कर दिया, जिससे बड़ी संख्या में वहां मौजूद छात्रों में भगदड़ मच गई और छात्र बचते बचाते गेट बंद होने की वजह से बाउंड्री फांदकर सड़कों पर कूदकर भागे। कई जगह बाउंड्री पर तार फैंसिंग भी लगी थी, लेकिन कुछ छात्र तार फैंसिंग पर चढ़कर भी भागे। पुलिस ने छात्रों को लाठियां फटकारते हुए सड़कों पर भी दौड़ाया। जिससे छात्र सड़कों पर ही उठते गिरते भागते रहे। ऐसे में कई छात्रों को चोटें भी आईं। कई छात्रों ने बाद में अस्पताल पहुंचकर मरहम पट्टी भी कराई। वहीं बहुत से छात्र चुटहिल होकर घर पहुंचे। जहां उनके परिजनों ने मेडिकल स्टोर से दवा लेकर मरहम पट्टी की।
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वीडियो भी वायरल हो रहे
जीआईसी में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठियां फटकारने के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। गेट बंद होने के बावजूद भारी संख्या में पुलिस बल ने मुख्य गेट से चढ़कर विद्यालय परिसर में मौजूद एक साथ इकट्ठा हुए सैकड़ों छात्रों को तितर-बितर कर कैंपस खाली कराने के लिए लाठियां फटकारते हुए खदेड़ दिया।
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पुलिस द्वारा लाठी चार्ज के आरोपों की जांच के लिए डीएम व एसपी के द्वारा जांच कमेटी गठित की गई है। जांच आने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
निखिल पाठक, पुलिस अधीक्षक, ललितपुर।
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ढाई घंटे तक बैठक करके छात्रों की समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा था, सारी बात ठीक से हो गई थी, तभी तीन-चार लड़के अंदर-बाहर आए और दूसरों को भड़का रहे थे। करीब चालीस मिनट तक गेट पर ताला लगाकर हंगामा किया गया। प्रधानाचार्य को और उन्हें दो बार गेट लगाकर बंद किया गया था, लेकिन बाद में दरवाजे खोल दिए थे। छात्रों ने पथराव भी किया था। जब ज्यादा हंगामा होने लगा, तब कैंपस को खाली कराने के लिए पुलिस द्वारा डंडे फटकार कर छात्रों को तितर बितर किया गया था।
संतोष उपाध्याय, उपजिलाधिकारी।