जनपद के विकास खंड बार के ग्राम भावनी में बन रहे भावनी बांध के निर्माण में कुछ किसानों द्वारा व्यवधान पैदा करने की शिकायत पर मौके पर गई तहसीलदार प्रीति जैन ने किसानों की समस्या को सुना। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सात दिन के अंदर किसानों को उनकी परिसंपत्तियों के भुगतान कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सात दिन तक किसानों को बांध के निर्माण में किसी तरह का व्यवधान न डालने के भी निर्देश दिए।
बांध निर्माण का कार्य देख रही कंपनी के मैनेजर ने मंडलायुक्त झांसी मंडल केराम मोहन राव को एक शिकायती पत्र देकर कुछ किसानों पर बांध के निर्माण में व्यवधान डालने का आरोप लगाते हुए बांध के निर्माण में हो देरी की बात कही थी। जिस पर मंडलायुक्त ने उपजिलाधिकारी तालबेहट से इस मामले की जांच करवा कर रिपोर्ट देनें के निर्देश दिए थे।
उपजिलाधिकारी हरीओम शर्मा के निर्देश पर शनिवार को तहसीलदार प्रीति जैन ग्राम भावनी गई। वहां उन्होंने सिंचाई विभाग के जेई एसपी सिंह और जिलेदार की मौजूदगी में किसानों से बात कर उनका पक्ष लिया। जिस पर कोमल, सुरेश, श्रीराम और प्रीतम आदि ने बताया कि उनकी जमीन बांध के डूब क्षेत्र में चली गई है। जिसका विभाग मुआवजा दे रहा है परंतु विभाग बंधी, पेड़, कूप आदि का मुआवजा बाद में देने की बात कह रहा है। जो उनके साथ अन्याय है। जिस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि परिसंपत्तियों के मुआवजा के लिए विभाग के शासन को डिमांड भेज दी है । शासन से पैसा आते ही उसका भुगतान कर दिया जाएगा। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद तहसीलदार ने सात दिन के अंदर किसानों की परिसंपत्तियों का भुगतान कराने के निर्देश दिए । तब तक किसानों को बांध के निर्माण में व्यवधान न डालने से मना कर दिया।