परिषदीय विद्यालयों को तंबाकू मुक्त जोन घोषित कर दिया गया है। अब स्कूलों में किसी ने तंबाकू या गुटका खाया तो जुर्माना लगाया जाएगा। बीएसए ने स्कूल के शिक्षकों को नोडल अधिकारी बनाया है।
फैशन के दौर में युवक व युवती तंबाकू, गुटका के लती होते जा रहे हैं। कैंसर जैसी घातक बीमारी के पीछे तंबाकू व गुटका ही है। इसे ध्यान में रखकर अब स्कूूूलों को तंबाकू मुक्त जोन तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत कैंपस में कोई भी व्यक्ति तंबाकू व गुटका का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो उस पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने तंबाकू के इस्तेमाल को रोकने के मकसद से शिक्षकों को नोडल अधिकारी नामित कर दिया है।
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शिक्षक भी खाते हैं
शिक्षकों को तंबाकू के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए नोडल अधिकारी तो बना दिया गया है पर तमाम शिक्षक स्वयं ही गुटका खाते हैं तो क्या ऐसे में स्कूल तंबाकू मुक्त जोन बन पाएंगे। यह बड़ा सवाल है। इसके अलावा कई खंड शिक्षा अधिकारी भी गुटका खाते हैं। यही वजह है कि बीएसए कार्यालय की दीवारों पर गुटका की पीकें आसानी से देखी जा सकती हैं। बीएसए संतोष कुमार राय का कहना है कि तंबाकू, गुटका के इस्तेेमाल को रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका असर दिखाई देगा।