ललितपुर। जिले में बाहर से आने वाले लोग सीमाएं भेदकर प्रवेश कर रहे हैं और बगैर सूचना दिए अपने घरों में रह रहे हैं, जबकि इनकी न तो इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई है और न ही क्वारंटाइन किया गया है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है। जिम्मेदारों की उदासीनता से इनकी जानकारी भी नहीं हो पा रही है।
नोवेल कोराना वायरस के संक्रमण को थामने के लिए लॉकडाउन किया गया है। यातायात के साधनों को पूरी तरह से ठप किया गया है। हवाई यात्रा, रेलगाड़ी, बसें और निजी वाहनों के संचालन पर भी रोक लगाई गई है। इसके साथ ही राज्य सरकारों द्वारा जनपद की सीमाओं को भी पूरी तरह से सील किया गया है।
पुलिस विभाग द्वारा सीमाओं को पूरी तरह से सील किया गया है। प्रशासन ने बाहर से आए लोगों के लिए क्वारंटीन सेंटर बनाए हैं, इनमें बाहर से आने वाले व्यक्तियों को ठहरा कर थर्मल स्क्रीनिंग कर कोरोना के लक्षणों को देखा जा रहा है। लक्षण पाए जाने पर जांच कराई जाती है। जांच वाले व्यक्ति को मेडिकल क्वारंटीन किया जाता है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद आश्रय स्थलों में क्वारंटीन किया जाता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बाहर से आने वालों की संख्या लगभग दस हजार है।
लेकिन, बाहर से आने वाले कई लोग पैदल व अन्य वाहनों के सहारे जनपद की सील सीमाओं को भेदकर अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। इन लोगों के समाने बाहर से आने वाले लोगों को रोकने की तैयारी धरी की धरी रह जाती है। यह लोग सीमाओं पर पुलिस का पहरा देखकर आसपास के जंगल व नदी के साथ ही अन्य पगडंडी रास्तों के सहारे सीमाओं को भेद कर आ रहे हैं। कई गांव में कई लोग बाहर से आए हैं, जिनकी न तो थर्मल स्क्रीनिंग की गई और न ही जांच कराई गई है। सीधे आकर अपने घरों में रह रहे हैं। ऐसे लोग जिले के विभिन्न गांव में रह रहे हैं। जबकि, इनके रहने से गांव वासी बीमारी के भय में हैं। जिनकी शिकायत न तो संबंधित क्षेत्र की आशा द्वारा दी जा रही है और न ही ग्राम पंचायत के प्रधानों द्वारा दी जा रही है। ऐसे में जिले में संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
नहीं दे रहे हैं सूचना
संक्रमण को रोकने के लिए बाहरी लोगों को बिना जांच के अपने घरों में रहने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वैसे तो बाहर से आने वालों की सीमाओं पर ही रोककर जांच हो रही है। लेकिन, कई लोग सीमाओं को भेद कर प्रवेश कर रहे हैं, ऐसे लोगों की सूचना देने की जिम्मेदारी क्षेत्र की आशा व ग्राम प्रधान को दी गई है। लेकिन, बाहर से आए लोग बिना जांच के ही अपने घरों में ठहर रहे हीैं।
सीमाओं के आस-पास से आना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बाद भी जो लोग आ रहे हैं, वह प्रशासन को आने की सूचना दें और खुद को क्वारंटाइन करें। इसी में सभी का हित है।
- कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक