संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज स्थित ट्रामा सेंटर में मरीजों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ट्रामा में ही ऑर्थो सर्जरी की जाएगी। आईसीयू की सुविधा भी होगी। बेड की संख्या भी 12 से बढ़ाकर 60 की जा रही है। यहां पर मरीजों को विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार दिया जाएगा। मरीज 24 घंटे तक भर्ती हो सकेंगे। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए भटकना नहीं होगा। ट्रामा सेंटर में ही समुचित उपचार दिया जाएगा।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज स्थित ट्रामा सेंटर/इमरजेंसी सीमित संसाधनों के सहारे संचालित हो रही है। यहां पर महज 12 बेड, ऑर्थों सर्जरी की सुविधा 24 घंटे नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में मरीजों को ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ता था। साथ ही बेडों की कमी के चलते अधिक भीड़ होने पर समस्या हो जाती थी। साथ ही वेंटीलेटर भी कम मात्रा में होने से परेशानी बनी हुई थी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब ट्रामा सेंटर में आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारियों में जुट गया है। 12 बेड से बढ़ाकर संख्या 60 की जा रही है। इससे अब मरीजों को बेड की कमी नहीं होगी। ऐसे में मरीज का समुचित उपचार ट्रामा सेंटर में ही भर्ती के समय किया जाएगा। मरीजों की भीड़ को देखते हुए तीन चिकित्सकों के कक्ष कैटगरी के आधार पर तय किए जा रहे हैं। इसमें एक कक्ष में अति गंभीर मरीजाें को देखा जाएगा। दूसरे कक्ष में सामान्य मरीज व तीसरे कक्ष में मेडिकल किए जाएंगे। इससे मरीजों को उपचार के लिए अधिक समय तक इंतजार नहीं करना हेागा।
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ट्रामा सेंटर की ऑर्थो ओटी में 24 घंटे होंगे ऑपरेशन
ट्रामा सेंटर में वर्तमान में संचालित ऑर्थो के ऑपरेशन थिएटर को सेपरेट किया जा रहा है। अब यह ऑपरेशन थिएटर ट्रामा सेंटर का होगा। यहां पर आने वाले मरीजों के ऑपरेशन किए जाएंगे। आवश्यकता के आधार पर 24 घंटे ऑपरेशन की सुविधा होगी। इससे मरीजों को ऑपरेशन के लिए इंतजार नहीं करना होगा।
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आधुनिक होगा आईसीयू
मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर दो के सामने संचालित आईसीयू ट्रामा सेंटर का होगा। यहां पर ट्रामा सेंटर पर आने वाले गंभीर मरीजाें को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। यहां पर वेंटीलेटर समेत अन्य सुविधाओं व आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। साथ ही ट्रामा सेंटर से आईसीयू तक आने के लिए अलग से कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसमें बेड की संख्या 60 होगी। ऑपरेशन की 24 घंटे सुविधा की जा रही है। सभी विशेषज्ञ ट्रामा सेंटर में ही उपचार देने के लिए तैनात रहेंगे।
- डॉ. मयंक कुमार शुक्ला, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज