संवाद न्यूज एजेंसी सिलावन (ललितपुर)। महाकुंभ में गए श्रद्धालुओं ने मुश्किल भरा सफर तय करते हुए वापस आना शुरू कर दिया है। बस स्टैंड जाने के लिए भी उन्हें सिर पर बैग रख कर कई किमी पैदल चलना पड़ा। थकान के बावजूद त्रिवेणी में स्नान करने पर वह उत्साहित दिखे। ट्रेन और बसें घंटों लेट चलने के कारण देर रात उनके पहुंचने की उम्मीद है।
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में गंगा स्नान के बाद यात्री ट्रेनें लौटने लगी हैं। लेकिन, प्रयागराज से खजुराहो, टीकमगढ़ के रास्ते ललितपुर आने वाली सभी ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। बलिया से चलकर प्रयागराज के रास्ते दादर जाने वाली दादर सेंट्रल एक्सप्रेस बृहस्पतिवार सुबह 10.25 बजे के स्थान पर 12.30 घंटे विलंब होकर रात सवा ग्यारह बजे आने की संभावना जताई।
बीना कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन भी नौ घंटे विलंब होकर दोपहर में 3:40 बजे के स्थान पर देर रात 12:57 बजे आने की संभावना जताई। अहमदाबाद एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे विलंब होकर रात साढ़े दस बजे के बाद आई। बीना कुंभ मेला स्पेशल भी बृहस्पतिवार देर रात एक बजे के स्थान पर एक घंटे विलंब से चल रही थी। डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस प्रयागराज से खजुराहो के बीच निरस्त चल रही है।
रास्ते में फंसे वाहन देर रात लौटे : प्रयागराज से 50 से 60 किमी दूर खड़े वाहनों तक श्रद्धालु स्नान के बाद पहुंच तो गए, लेकिन वाहनों की कतार के चलते लंबे जाम में फंसे रहे। सुबह चलने के बाद रात 11 बजे तक भी कोई भी वाहन जनपद नहीं लौट सका।
बहुत सी बसों व वाहनों के चालक महोबा से छतरपुर, टीकमगढ़, बानपुर होकर भी आ रहे हैं, लेकिन उनके भी रात 11 बजे के बाद आने की संभावना जताई गई।
प्रयागराज से आ रही बस में सवार धर्मेंद्र राठौर ने बताया कि वह सुबह से बस से प्रयागराज से चले हैं, लेकिन शाम सवा पांच बजे अतर्रा ही पहुंच सके हैं। उनकी बस भी 11 बजे के बाद ही ललितपुर पहुंचेगी।