संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन/ललितपुर। ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम पंचायत कपासी के मजरा अमउखेड़ा में दूसरे दिन छह मरीज डायरिया की चपेट में आ गए। तीन की हालत खराब होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं, तीन को गांव में ही चिकित्सीय टीम की देखरेख में उपचार दिया जा रहा है। अब मरीजों की संख्या 20 से बढ़कर 26 हो गई है।
उधर, ग्राम पंचायत द्वारा रखवाए गए टैंकर में गंदगी देख ग्रामीण भड़क गए। उनका कहना था कि इस टैंकर के पानी से ही छह मरीज डायरिया से ग्रस्त पाए गए हैं। सात वर्ष बाद भी हैंडपंप का प्लेटफार्म नहीं बनाया गया है। इससे बीमारियां पनप रही हैं।
ग्राम अमउखेड़ा में दूसरे दिन अलकायदा पुत्री साहिर, साहिबा पत्नी गब्बर व जोयान पुत्र अजरुद्दीन की हालत गंभीर मिली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तत्काल एंबुलेंस से तीनों को मेडिकल कॉलेज भेजवाया। इसके अलावा सुमेरा पुत्री सद्दाम, आदिल पुत्र मकबूल व समीर खान पुत्र आजाद को गांव में चिकित्सीय टीम ने उपचार मुहैया कराया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद, जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राजेश भारती समेत टीम ने गांव में भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जाना। वहीं, कुचदों में दूसरे दिन कोई नया मरीज नहीं मिला।
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टैंकर में गंदा पानी भेजवाया : हैंडपंप के उपयोग पर रोक लगाने के बाद ग्राम पंचायत ने पानी के लिए टैंकर रखवाया था। रविवार सुबह टैंकर का पानी देखकर लोग भड़क गए। उन्होंने बताया कि इसका पानी पीना तो दूर उपयोग करने लायक नहीं है। इसमें गंदगी भरी पड़ी है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है।
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हैंडपंप के पास नाली में बजबजा रही गंदगी
मोहल्ला निवासी हुसैन खान ने बताया कि सात वर्ष बाद भी हैंडपंप का प्लेटफार्म नहीं बनाया गया। पानी की निकासी के लिए नाली बनाई है, लेकिन इसकी सफाई न होने से मच्छर व दुर्गंध उठ रही है। वर्षों पहले नाली के लिए खंडा डाले गए थे, लेकिन जस की तस हालत बनी हुई है।
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टैंकर में गंदा पानी उपलब्ध कराने की जानकारी हुई है। ललितपुर से टैंकर भेजा जा रहा है।
- नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी
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अमउखेड़ा में दूसरे दिन छह मरीज मिले हैं। तीन को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। तीन को गांव में उपचार दिया गया है। देवगढ़ के कुचदों में एक भी नया मरीज नहीं मिला है। दोनों गांव में टीमों को नियुक्त किया गया है।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ