ललितपुर। सूखा राहत राशि का पैसा आए 15 दिन से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि तीन दिन में पैसा किसानों के बैंक खाते में भेजा जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
जिले में सूखा राहत का पैसा किसानों को बांटा जा रहा है। यह पैसा सीधे किसानों के हाथों में नहीं दिया जा रहा है, बल्कि पारदर्शिता के लिए किसानों के बैंक खाते में भेजा जा रहा है। लेकिन, अभी तक पूरा पैसा नहीं बांटा जा सका है। शासन से आए 103.09 करोड़ रुपये के सापेक्ष अब तक किसानों के खाते में 74.30 करोड़ रुपये ही पहुंच सके हैं, जबकि बाकी किसान चक्कर लगा रहे हैं। कहीं लेेखपाल नहीं मिल रहा है तो कहीं लेखपालों ने बैंकों को किसानों के बैंक खाते की सूची उपलब्ध नहीं कराई है।
इस तरह की शिकायतें डीएम को मिल रही हैं, जिससे पता चल रहा है कि किसानों के बैंक खाते में पैसा पहुंचाने में हीलाहवाली बरती जा रही है। जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी एसडीएम और तहसीलदार को कड़ा पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा कि तीन दिन में शत-प्रतिशत राशि किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाए, ताकि किसानों को परेशान नहीं होना पड़े। उन्होंने लिखा कि यदि कार्य में लापरवाही बरती गई तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिख दिया जाएगा। उन्होंने लिखा कि सूखा राहत राशि वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी न की जाए, बल्कि स्वच्छता पूर्ण तरीके से वितरण किया जाए।
गौरतलब है कि खरीफ फसल के दौरान सूखा पड़ जाने के कारण उर्द फसल में पीला मोजेक रोग लग गया था और फसल बरबाद हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में 180 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया था। किसान तभी से सूखा राहत राशि के मुआवजा का इंतजार कर रहे हैं। करीब 15 दिन पहले शासन ने 103.09 करोड़ रुपये सूखा राहत राशि के जारी किए थे। शासन ने नई व्यवस्था के तहत सभी किसानों के बैंक खाते में पैसा भिजवाने को कहा था, लेकिन अभी तक यह पैसा सभी किसानों के बैंक खाते में नहीं पहुंच सका है।