कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर खंभे पर लगे खराब सीसीटीवी कैमरे। संवाद
ललितपुर। शहर की सुरक्षा के लिए लगाए गए 50 सीसीटीवी कैमरों में से 47 करीब ढाई माह से बंद हैं। तेज हवा और बारिश के कारण कैमरों की डिवाइस खराब होने के बाद नगर पालिका अब तक उन्हें ठीक नहीं करा सकी है। इससे प्रमुख बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों की निगरानी प्रभावित हो रही है। नवरात्र और दिवाली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ के बीच चोरी, छेड़छाड़ और अन्य वारदातों पर नजर रखने के साथ ही आरोपियों की पहचान करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नगर पालिका ने 25 लाख रुपये की लागत से सुपरमार्केट स्थित पुराने एलआईसी भवन में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित किया था। शहर के 14 सार्वजनिक स्थलों पर 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनके माध्यम से सुरक्षा के साथ सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और वाहनों की निगरानी भी की जाती थी। करीब ढाई माह पहले तेज हवाओं और बारिश के दौरान 47 कैमरों की डिवाइस खराब हो गईं। उपकरण महंगे होने के कारण नगर पालिका ने उन्हें बदलने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। फिलहाल तीन कैमरे कार्यालय में ठीक बताए गए हैं।
एलईडी भी खराब, फुटेज देखने में परेशानी
कमांड सेंटर में सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए लगाई गई एलईडी भी करीब 15 दिन पहले शॉर्ट सर्किट से खराब हो गई। छह दिन पहले कंपनी को सर्विस ऑर्डर भेजा गया था। निरीक्षण के बाद इंजीनियर ने मदरबोर्ड खराब होने की बात कही। नया मदरबोर्ड आने के बाद ही एलईडी ठीक हो सकेगी।
अपराधों के खुलासे में मिल चुकी है मदद
शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे बाइक चोरी, मारपीट और गुमशुदगी के मामलों में पुलिस और आम लोगों के लिए मददगार साबित हुए हैं। मारपीट के एक मामले में एक व्यक्ति ने फुटेज के जरिए खुद को बेगुनाह साबित किया था। कैमरे बंद होने से ऐसी घटनाओं की जांच में भी परेशानी हो सकती है।
कोट
इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के खराब कैमरे के तकनीकी उपकरण मंगाने के लिए टेंडर हो गए हैं। उनकी डिवाइस जल्द ही मंगाकर लगवाई जाएगी। जल्द ही सभी कैमरे फिर से संचालित किए जाएंगे।दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।